

General Category Reservation Protest Agra: आगरा में यूजीसी कानून के विरोध में खेरागढ़ तहसील में सामान्य वर्ग के लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए लोगों ने हाथों में तिरंगा और पट्टियां लेकर मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। इस दौरान यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित कानून को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी तीखी नाराजगी जताई। युवाओं का कहना था कि “आरक्षण रूपी रावण सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य को खा रहा है।” प्रदर्शनकारियों ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग में क्रीमी लेयर के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जो लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे निकल चुके हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ क्यों दिया जाना चाहिए?
युवाओं ने कहा कि देश में उच्च संवैधानिक पदों पर पहुंच चुके लोगों से लेकर आईएएस, आईपीएस और संपन्न व्यापारी वर्ग तक आरक्षण का लाभ लेने की स्थिति में हैं, ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि क्रीमी लेयर को आरक्षण के दायरे से बाहर किए बिना पिछड़े और वंचित वर्ग के अंतिम व्यक्ति तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचाना मुश्किल होगा।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन और कथित लाठीचार्ज का भी विरोध जताया। उन्होंने मौजूदा सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यूजीसी कानून को ‘काला कानून’ बताया और इसे वापस लेने की मांग की।
युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आगरा जिला मुख्यालय पर लंबे समय तक धरना दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हम जिला मुख्यालय में बैठेंगे, वहीं भजन-कीर्तन करेंगे, खाना बनाएंगे और वहीं खाएंगे, लेकिन अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।”
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने आंदोलन को लेकर तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि सवर्ण समाज के हितों के लिए संघर्ष करने वालों का पसीना बहेगा तो सामान्य वर्ग के युवा भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को जिला स्तर से आगे ले जाकर व्यापक रूप दिया जाएगा।
खेरागढ़ में हुए प्रदर्शन से साफ है कि यूजीसी और आरक्षण के मुद्दे पर सामान्य वर्ग के बीच असंतोष लगातार मुखर हो रहा है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस बढ़ते विरोध को लेकर क्या रुख अपनाती है और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।