Agra: एडीए की कार्रवाई से किसानों में आक्रोश, खड़ी फसल रौंदने का आरोप; किसान नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी

Agra Land Dispute: इनर रिंग रोड के लैंड पार्सल तृतीय चरण को लेकर एडीए और किसानों के बीच विवाद बढ़ गया है। किसानों ने खड़ी फसल जेसीबी से नष्ट करने और जमीन का पूरा भुगतान नहीं होने का आरोप लगाया है।
Agra Inner Ring Road Land Dispute: Farmers Allege Crop Damage ADA Action
खड़ी फसल रौंदने का आरोप(सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Agra Inner Ring Road Land Dispute: इनर रिंग रोड के लैंड पार्सल तृतीय चरण को लेकर आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) और किसानों के बीच विवाद एक बार फिर गहराता दिखाई दे रहा है। पचगाई-पचकाई पट्टी और देवरी गांव क्षेत्र में एडीए की कार्रवाई को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि एडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनकी खड़ी फसल को जेसीबी से रौंद दिया, जबकि भूमि का पूरा भुगतान भी किसानों को नहीं किया गया है।

किसानों के मुताबिक इनर रिंग रोड के लिए पूर्व में उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था। बाद में रोड का एलाइनमेंट बदल गया। किसानों का कहना है कि एलाइनमेंट बदलने के बाद जिस भूमि का उपयोग सड़क निर्माण के लिए नहीं होना था, उसे किसानों को वापस किए जाने को लेकर एडीए अधिकारियों और प्रभावित किसानों के बीच पूर्व में समझौता भी हुआ था। आरोप है कि इसके बावजूद अब एडीए ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

खड़ी बाजरा, हरा चारा, लौकी, तोरई तथा अन्य फसलों को किया नष्ट

किसानों का कहना है कि सोमवार को एडीए के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उनकी जमीन पर खड़ी बाजरा, हरा चारा, लौकी, तोरई तथा अन्य फसलों को जेसीबी से नष्ट कर दिया। किसानों ने कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी बात नहीं मानी। किसानों का यह भी आरोप है कि मौके पर मौजूद एडीए अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध करने पर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी।

Agra Inner Ring Road Land Dispute: Farmers Allege Crop Damage ADA Action
Mathura: शराब पीने के दौरान मामूली विवाद में युवक की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

किसानों ने एडीए की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस भूमि का इनर रिंग रोड के बदले हुए एलाइनमेंट में उपयोग नहीं होना है, उसे वापस करने के बजाय प्राधिकरण उस पर कब्जा बनाए रखना चाहता है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन को बाद में व्यावसायिक रूप से विकसित या बिक्री किए जाने की तैयारी है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसानों की खड़ी फसल को नष्ट करना गंभीर मामला

मौके पर मौजूद किसान मजदूर नेता दिलीप सिंह ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की खड़ी फसल को नष्ट करना गंभीर मामला है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और कार्रवाई पर रोक नहीं लगी तो एडीए के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

किसानों का कहना है कि वे अपनी जमीन और फसल को लेकर पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे में बिना पूर्ण भुगतान के खड़ी फसल को नष्ट किए जाने से उन्हें दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने एडीए के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और पूर्व में हुए समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो वे एडीए कार्यालय के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। मौके पर हरिओम, गुड्डू शर्मा, उमेश कुमार, योगेश कुमार, राममोहन शर्मा, हरप्रसाद सिंह, भगवान सिंह, विजय सिंह त्यागी, विजय शर्मा, रामप्रकाश सिंह, सोनू कुशवाह, धर्मवीर शर्मा, चंद्रप्रकाश, श्रीभगवान, पप्पू कुशवाह, नरेंद्र सिंह, विकास कुमार, रघुनाथ शर्मा, मोहन लाल, निरोत्तम सिंह, प्रमोद शुक्ला, दीपक शर्मा, भूपेंद्र सिंह, बंटू भंगेल, संतोष बघेल एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com