जूते की दुकान में दूसरा कारोबार पड़ा भारी, एडीए ने 167 दुकानों को जारी किया नोटिस; रद्द हो सकता है आवंटन

Agra Shoe Industry: आगरा विकास प्राधिकरण ने संजय प्लेस शू मार्केट की 167 दुकानों को नोटिस जारी किया है। जूता कारोबार के बजाय अन्य व्यवसाय संचालित होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
ADA Issues Notices to 167 Shops in Agra Shoe Industry Violating Allotment Rules
आगरा विकास प्राधिकरण (सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

ADA Notice To Agra Shoe Industry: ताज नगरी आगरा दुनिया भर में मोहब्बत की निशानी ताजमहल के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन औद्योगिक पहचान की बात करें तो यह शहर मुख्य रूप से पेठा उद्योग और जूता उद्योग के लिए जाना जाता है। विशेष रूप से जूता उद्योग आगरा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। जूता उद्योग में बड़ी संख्या में जाटव समाज और मुस्लिम वर्ग के लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त करते हैं।

जूता कारोबार के बजाय अन्य व्यवसाय संचालित

इसी जूता उद्योग को संरक्षित रखने के उद्देश्य से आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने संजय प्लेस स्थित शू मार्केट में आवंटित दुकानों के मूल उद्देश्य के विपरीत संचालित हो रहे व्यवसायों पर सख्ती दिखाई है। एडीए ने ऐसी 167 दुकानों को नोटिस जारी किए हैं, जहां जूता कारोबार के बजाय अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिलीं या दुकानें लंबे समय से बंद पाई गईं।

एनओसी की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026

द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के प्रयासों के बाद एडीए ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 जून से बढ़ाकर 10 जुलाई 2026 कर दी है। यह जानकारी हींग की मंडी स्थित फेडरेशन कार्यालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत करने के दौरान अध्यक्ष विजय सामा ने दी।

20 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया

उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 से 1994 के बीच एडीए द्वारा शू मार्केट में कुल 384 दुकानों का आवंटन किया गया था। इनमें से 167 दुकानों को 20 मई 2026 को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर जवाब मांगा गया था। अब व्यापारियों की मांग पर 20 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। इसके बावजूद अब तक केवल 14 दुकानदारों ने ही एनओसी प्राप्त की है, जबकि करीब 80 से 82 दुकानों का म्यूटेशन भी नहीं हुआ है।

जूता कारोबार के बजाय चल रहे कोचिंग सेंटर और स्पा

विजय सामा ने कहा कि एडीए द्वारा इन दुकानों का आवंटन विशेष रूप से जूता उद्योग को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। लेकिन समय के साथ कई दुकानों में कोचिंग सेंटर, स्पा, कार्यालय और अन्य व्यापार संचालित होने लगे। कई दुकानों को किराये पर दे दिया गया या उनका उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एडीए पहले भी कई बार चेतावनी दे चुका था, लेकिन नियमों का पालन नहीं होने पर अब नोटिस जारी किए गए हैं। एडीए ने साफ कर दिया है कि यदि संबंधित दुकानदार निर्धारित अवधि में जूता कारोबार शुरू नहीं करते या आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करते हैं तो दुकानों का आवंटन निरस्त किया जा सकता है।

दलाल के झांसे में न आएं

फेडरेशन अध्यक्ष ने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि एनओसी के नाम पर कुछ दलाल सक्रिय हो गए हैं। व्यापारी ऐसे लोगों के झांसे में न आएं और सीधे फेडरेशन अथवा एडीए अधिकारियों से संपर्क करें। किराये पर दुकान संचालित करने वाले व्यापारी वैध किरायानामा प्रस्तुत कर एनओसी प्राप्त कर सकते हैं।

इस दौरान शू फेडरेशन के प्रदीप सरीन, प्रमोद महाजन, अजय महाजन, संजय अरोरा, दिलप्रीत सचदेवा, घनश्याम रोहरा, भीष्म लालवानी, राकेश महाजन, रवि महाजन, सुमित महाजन, हरीश लालवानी, नदीम अहमद और लक्ष्मण दास सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। इस दौरान कई दुकानदार अपनी समस्याएं लेकर भी फेडरेशन कार्यालय पहुंचे और पदाधिकारियों से चर्चा की।

Navbharat Live
navbharatlive.com