

Agra Cantt GRP Train Theft: उत्तर मध्य रेलवे का आगरा रेल मंडल इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। बीते दिनों तमिलनाडु एक्सप्रेस में लाल बैग मिलने से मची सनसनी के बाद जहां जीआरपी और आरपीएफ हाई अलर्ट पर थीं, वहीं अब आगरा कैंट जीआरपी ने चलती ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करने का दावा किया है।
जीआरपी ने तेलंगाना एक्सप्रेस में नागपुर से निजामुद्दीन जा रहे एक परिवार का कीमती सामान चोरी होने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस खुलासे के साथ ही ट्रेनों में चोरी की तीन अन्य वारदातों का भी खुलासा हुआ है।
घटना उस समय की है, जब हैदराबाद से निजामुद्दीन जा रही तेलंगाना एक्सप्रेस में नागपुर से एक दंपति और उनकी पुत्रवधू सवार हुए थे। यात्रा के दौरान रात करीब चार बजे परिवार के सदस्य सो गए। बताया गया कि महज 15 मिनट बाद ही उनका बैग गायब हो चुका था।
बैग में करीब 25 से 26 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवरात, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। चोरी का पता चलते ही पीड़ित फरियाद हुसैन ने जीआरपी आगरा कैंट में तहरीर दी। मामले में मुकदमा संख्या 107/2026 के तहत धारा 305 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया गया। जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, खुफिया जानकारी और संदिग्धों की गतिविधियों को खंगालते हुए पुलिस एक ऐसे गैंग तक पहुंची, जो लंबे समय से ट्रेनों में यात्रियों का सामान चोरी करने में सक्रिय बताया जा रहा है।
जीआरपी ने इस मामले में अबरार पुत्र अनवर, निवासी ग्राम वजीराबाद, थाना कुरवाई, जिला विदिशा, उम्र 26 वर्ष और शोएब पुत्र खलील, निवासी ग्राम कोलन, थाना कुरवाई, जिला विदिशा, उम्र 40 वर्ष को गिरफ्तार किया है।
सीओ जीआरपी राजेश मिश्रा ने मीडिया को बताया कि पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर हैं और उनके खिलाफ भोपाल से लेकर ग्वालियर तक चोरी समेत विभिन्न मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी ट्रेनों में यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखते थे और मौका मिलते ही पलक झपकते ही बैग लेकर फरार हो जाते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे। कुछ आरोपी ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे, जबकि अन्य सदस्य चोरी किए गए जेवरात और कीमती सामान को ठिकाने लगाने और बेचने का काम करते थे।
सीओ जीआरपी के अनुसार, इस गैंग से जुड़ा एक व्यक्ति राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी भी है और अपने स्तर पर चैंपियन रह चुका है। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों की भी तलाश कर रही है।
करीब 11 दिनों तक चली जांच के बाद जीआरपी आगरा कैंट को इस मामले में सफलता मिली है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के दौरान केवल तेलंगाना एक्सप्रेस की चोरी ही नहीं, बल्कि ट्रेनों में चोरी की तीन अन्य घटनाओं का भी खुलासा हुआ है।
पीड़ित फरियाद हुसैन ने बताया कि चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 25 से 26 लाख रुपये थी। हालांकि, पुलिस द्वारा अभी लगभग 23.14 लाख रुपये कीमत के सामान की बरामदगी किए जाने की बात सामने आई है। पीड़ित को उम्मीद है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बाकी सामान भी जल्द बरामद हो जाएगा।
तमिलनाडु एक्सप्रेस में लाल बैग मिलने की सनसनी और उसके बाद लगातार बढ़ाई गई चौकसी के बीच तेलंगाना एक्सप्रेस की लाखों की चोरी का खुलासा आगरा जीआरपी के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के सामान की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।