

Agra Rescue Operation Into Well: सदर थाना क्षेत्र के नामनेर के पास सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 80 फीट गहरे पुराने और खाली कुएं से किसी व्यक्ति के चीखने की आवाजें सुनाई दीं। बताया जा रहा है कि व्यक्ति रात में शराब के नशे में कुएं में गिर गया था और कई घंटे तक अंदर ही फंसा रहा। सुबह स्थानीय लोगों को उसकी आवाज सुनाई दी तो उन्होंने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी।
करीब 11 बजे सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की रेस्क्यू टीम 15 से 20 मिनट में मौके पर पहुंच गई। स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। कुआं करीब 80 फीट गहरा था और नीचे फंसे व्यक्ति तक पहुंचना जोखिम भरा था। इसके बावजूद फायरमैन ने SCBA (Self-Contained Breathing Apparatus) सेट पहनकर रेस्क्यू की कमान संभाली और गहराई में उतर गया।
रेस्क्यू टीम ने चेयर नॉट तकनीक की मदद से व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। करीब 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने उसे सकुशल बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसकी हालत को देखते हुए तत्काल उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
चीफ फायर ऑफिसर देवेंद्र कुमार सिंह (डीके सिंह) ने बताया कि दमकल विभाग को करीब 11 बजे फोन के माध्यम से सूचना मिली थी कि नामनेर क्षेत्र में एक व्यक्ति बोरवेल/गहरे गड्ढे में गिरा हुआ है। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि व्यक्ति रात से ही अंदर फंसा था और सुबह उसकी चीखें सुनाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने विभाग को सूचना दी।
उन्होंने बताया कि करीब 20 मिनट के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को बाहर निकाल लिया गया। फायरमैन ने SCBA सेट पहनकर करीब 80 फीट गहराई में उतरकर रेस्क्यू किया। सीएफओ के मुताबिक ऐसे ऑपरेशन बेहद जोखिम भरे होते हैं, क्योंकि गहरे कुएं या बोरवेल में ऑक्सीजन की कमी समेत कई खतरे मौजूद रहते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर आगरा में खुले कुओं, पुराने बोरवेल और गहरे गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब आगरा में किसी व्यक्ति के गहरे गड्ढे या बोरवेल में गिरने के बाद दमकल विभाग को जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू करना पड़ा हो। ऐसे कई मामलों में दमकलकर्मी अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों की जिंदगी बचाने के लिए गहराई में उतर चुके हैं।
नामनेर का यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति के बचने की कहानी नहीं, बल्कि दमकल विभाग के उन जांबाज कर्मियों की तस्वीर भी सामने लाता है, जो हर रेस्क्यू में अपनी जान को खतरे में डालकर किसी और की जिंदगी बचाने के लिए आगे बढ़ते हैं। हालांकि, सवाल यह भी है कि अगर पुराने कुएं और गड्ढे समय रहते सुरक्षित कर दिए जाएं तो क्या ऐसे जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन की नौबत ही आएगी?
दमकल टीम की बहादुरी की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की।