

DAP वितरण को लेकर किसानों और कर्मचारियों में धक्कामुक्की
किसानों ने चहेतों को खाद बांटने और पक्षपात का आरोप लगाया
किसानों ने 81 हजार और 4 हजार रुपये चोरी होने की शिकायत की
Agra Farmers Protest: आगरा में किसान अपनी फसल की बुवाई के लिए डीएपी खाद के इंतजार में सुबह 3 से 4 बजे से ही सरकारी दुकानों के बाहर कतार में खड़े होने को मजबूर हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। डीएपी की किल्लत के बीच किसानों का गुस्सा अब सामने आने लगा है।
शनिवार को बरौली अहीर सहकारी समिति पर डीएपी वितरण को लेकर जमकर हंगामा हुआ। किसानों और समिति कर्मचारियों के बीच धक्कामुक्की हुई। कुछ किसानों को धक्का देकर जमीन पर गिराने के भी आरोप लगे। घटना के बाद किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
किसानों का आरोप है कि वे सुबह चार बजे से डीएपी लेने के लिए समिति पर लाइन लगाकर खड़े थे। घंटों भूखे-प्यासे इंतजार करने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिली। आरोप है कि समिति के सचिव ने पहले से तैयार सूची के आधार पर अपने परिचित लोगों को डीएपी वितरित कर दी। किसानों ने वितरण में पक्षपात और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसान वीरेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि समिति के सचिव देवेंद्र सिंह ने पहले से ही अपने परिचितों की सूची तैयार कर रखी थी। इसी सूची के आधार पर लाइन में लगे किसानों को नजरअंदाज कर दूसरे लोगों को डीएपी दे दी गई।
किसान विजेंद्र सिंह तोमर ने भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों को निर्धारित व्यवस्था से अलग अधिक कीमत पर खाद दी गई। उनका कहना है कि आम किसान सुबह से लाइन में लगा रहा, लेकिन जब उसकी बारी आई तो खाद खत्म होने की बात कह दी गई।
किसान चंदप्रकाश का आरोप है कि सचिव ने अपने गांव के लोगों की सूची बनाकर उन्हें पहले ही डीएपी उपलब्ध करा दी। खाद वितरण के दौरान कर्मचारियों और किसानों के बीच धक्कामुक्की हुई। कुछ लोग जबरन डीएपी खाद लेकर चले गए। सुबह चार बजे से इंतजार कर रहे कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
हंगामे के दौरान कुछ किसानों ने जेब से रुपये चोरी होने की शिकायत भी की। किसानों के मुताबिक, विजेंद्र सिंह तोमर ने 81 हजार रुपये और रामनिवास ने 4 हजार रुपये की नकदी गायब होने की बात कही। रामनिवास की जेब से 400 रुपये निकाले जाने का भी आरोप लगाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को लेकर किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने समिति के सचिव देवेंद्र सिंह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बातचीत के दौरान सचिव ने अपनी गलती स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने बताया कि बरौली अहीर के एक पल्लेदार ने किसानों के साथ मारपीट की और उन्हें वहां से भगाया।
किसान नेता ने पल्लेदार को समिति में काम नहीं करने देने की हिदायत दिए जाने की बात भी कही।
किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों पर खाद के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं निजी दुकानों पर भी डीएपी उपलब्ध नहीं बताई जा रही है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब समितियों के मुकाबले निजी दुकानों पर अधिक डीएपी उपलब्ध होने की बात कही जा रही है तो खाद आखिर कहां जा रही है?
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निजी दुकानदारों को निर्देश दिए जाएं कि उनके पास कितनी डीएपी उपलब्ध है और उसका वितरण किस आधार पर किया जा रहा है।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने आगरा जिला प्रशासन से बरौली अहीर सहित जिले की सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खाद के इंतजार में किसानों की फसल की बुवाई प्रभावित हो रही है। समय रहते खाद नहीं मिली तो किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।
इस दौरान वीरेंद्र सिंह तोमर, लक्ष्मी नारायण, मान सिंह, सुरेश चंद, रामनिवास, जितेंद्र सिंह, विनोद कुमार, निरोत्तम सिंह, प्रमोद कुमार, राममोहन, बच्चू राम, लाल सिंह, गजेंद्र सिंह यादव, नरेंद्र यादव, विष्णु कुमार, देवी सिंह, प्रेम सिंह और विजेंद्र सिंह तोमर सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।