सेना की वर्दी में गद्दार: आगरा का नौसेना जवान निकला ISI जासूस, हनीमून से लौटते ही ATS ने दबोचा, मिले कई सबूत
Indian Navy Jawan Arrested: यूपी एटीएस ने आगरा निवासी नौसेना जवान आदर्श कुमार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने और संवेदनशील सैन्य जानकारियां साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
नौसेना जवान आदर्श कुमार, फोटो- सोशल मीडिया
UP Police-ATS Action on ISI Spy: देश की सीमाओं की रक्षा करने का संकल्प लेकर सेना में शामिल होने वाला एक जवान जब उसी देश की सुरक्षा में सेंध लगाने लगे, तो यह खबर न केवल चौंकाती है बल्कि गहरे जख्म भी देती है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां भारतीय नौसेना के एक जवान पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है।
आरोपी आदर्श कुमार उर्फ लकी आगरा के कागारौल क्षेत्र के चीत गांव का रहने वाला है। वह पिछले करीब सात वर्षों से भारतीय नौसेना में अपनी सेवाएं दे रहा था और वर्तमान में केरल के कोच्चि स्थित दक्षिणी नेवल कमांड में लांस नायक के पद पर तैनात था। अभी पिछले महीने ही फरवरी में उसकी शादी मथुरा की एक युवती से हुई थी। शादी के बाद वह अपनी पत्नी के साथ दुबई में हनीमून मनाकर लौटा था और महज दो दिन पहले ही अपने गांव वापस आया था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसकी हर गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। जैसे ही वह गांव पहुंचा, यूपी एटीएस ने उसे धर दबोचा और 10 मार्च 2026 को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
नौसेना की गोपनीय तस्वीरें और युद्धपोतों का डेटा पाकिस्तान भेजा
जांच एजेंसियों को काफी समय से इनपुट्स मिल रहे थे कि कोई व्यक्ति पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश की रणनीतिक जानकारियां लीक कर रहा है। एटीएस ने जब इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक सर्विलांस के जरिए जाल बिछाया, तो आदर्श कुमार का नाम संदिग्ध के रूप में उभरकर सामने आया।
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आरोप है कि उसने कोच्चि नेवल कमांड में अपनी तैनाती का फायदा उठाते हुए वहां मौजूद युद्धपोतों और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों की संवेदनशील तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों को भेजे। डिजिटल साक्ष्यों की जांच में यह भी पता चला है कि इन जानकारियों के बदले उसे पैसों का भुगतान भी किया गया था।
सात साल की वफादारी का ऐसा अंत, जासूसी के बदले मिले पैसे
आदर्श के परिवार की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो उसके पिता बलवीर सिंह शराब की ठेकेदारी का काम करते हैं। परिवार में तीन बहनों के बीच वह सबसे छोटा बेटा था, जिस पर पूरे घर को गर्व था। सात साल पहले जब वह नौसेना में भर्ती हुआ, तो गांव में खुशी का माहौल था, लेकिन आज वही गांव उसे ‘गद्दार’ के नाम से जान रहा है।
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एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने न केवल गोपनीय दस्तावेज साझा किए, बल्कि पाकिस्तान के नेटवर्क के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों में भी लिप्त पाया गया। उसके पास से कई ऐसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं जो उसकी संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। फिलहाल उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
और भी लोगों के संलिप्त होने का शक
इस गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस अब उस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिससे आदर्श जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय है कि आखिर एक जवान कैसे दुश्मन देश के एजेंटों के जाल में फंस गया। जांच में इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि इस जासूसी कांड में नौसेना या अन्य विभागों के कुछ और लोग तो शामिल नहीं हैं। एटीएस का कहना है कि आरोपी के संपर्कों और बैंक खातों की गहनता से पड़ताल की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि उसे अब तक कितनी रकम दी गई और उसने कितनी बड़ी साजिश रची थी।
तेजी से फैल रहा आईएसआई का नेटवर्क!
पाकिस्तान की प्रमुख खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस पर लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। कई सुरक्षा रिपोर्टों और विश्लेषणों में यह दावा किया गया है कि आईएसआई ने ऐसे आतंकी संगठनों को समर्थन दिया, जो भारत के खिलाफ हमलों में शामिल रहे हैं। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय कई आतंकी नेटवर्क को लेकर भारत की ओर से बार-बार आरोप लगाए गए हैं कि उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से वित्तीय मदद, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलता रहा है। इस मुद्दे ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को लगातार बढ़ाया है।
साल 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद यह विवाद और गहरा हो गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर व्यापक जांच और चर्चा हुई। हाल के समय में यह भी कहा जा रहा है कि दक्षिण एशिया की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आईएसआई की गतिविधियां पड़ोसी देशों में भी बढ़ी हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद वहां की स्थिति पर भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी नजर बनाए हुए है।
