40 फीट गहरी नदी और सिर्फ एक पतली रस्सी! कानपुर में जुगाड़ू नाव से नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण; देखें VIDEO
Apauna Village Jugad Boat: कानपुर देहात के अपौना गांव में पुल न होने से जुगाड़ू नाव के सहारे रिंद नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। 40 फीट गहरी नदी में ग्रामीण रोजाना जान जोखिम में डाल रहे हैं।
- Written By: अमन मौर्या
Kanpur Rind River Bridge: उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र के अपौना गांव की एक गंभीर समस्या सामने आई है, जहां ग्रामीण रिंद नदी पर पुल न होने के कारण अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। नदी पार खेत होने और मुख्य रास्तों से जुड़ने के लिए ग्रामीण लोहे के ड्रमों और लकड़ी के तख्तों से बनी जुगाड़ू नाव और रस्सी के सहारे नदी पार करते हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर लगभग करीब 40 फीट तक बढ़ जाता है, इससे यह सफर और अधिक जानलेवा हो जाता है।
स्थानीय ग्रामीण का कहना है कि कई बार रस्सी टूटने से लोग नदी में गिर चुके हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौत भी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि 10-12 किलोमीटर की दूरी से बचने के लिए लोग मजबूरी में इस जुगाड़ू नाव का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों द्वारा बार-बार पुल की मांग करने के बावजूद अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। हालांकि, क्षेत्रीय विधायक पूनम संखवार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सेतु निगम से सर्वे कराकर पुल बनवाने का आश्वासन दिया है।
Kanpur Rind River Bridge: उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र के अपौना गांव की एक गंभीर समस्या सामने आई है, जहां ग्रामीण रिंद नदी पर पुल न होने के कारण अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। नदी पार खेत होने और मुख्य रास्तों से जुड़ने के लिए ग्रामीण लोहे के ड्रमों और लकड़ी के तख्तों से बनी जुगाड़ू नाव और रस्सी के सहारे नदी पार करते हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर लगभग करीब 40 फीट तक बढ़ जाता है, इससे यह सफर और अधिक जानलेवा हो जाता है।
स्थानीय ग्रामीण का कहना है कि कई बार रस्सी टूटने से लोग नदी में गिर चुके हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौत भी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि 10-12 किलोमीटर की दूरी से बचने के लिए लोग मजबूरी में इस जुगाड़ू नाव का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों द्वारा बार-बार पुल की मांग करने के बावजूद अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। हालांकि, क्षेत्रीय विधायक पूनम संखवार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सेतु निगम से सर्वे कराकर पुल बनवाने का आश्वासन दिया है।
