शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व अफजाल अंसारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shankaracharya Avimukteswaranand: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को गायों की गरिमा और सुरक्षा का मुद्दा उठाने के लिए एक पत्र भेजकर उनकी तारीफ की है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि वह इस मुद्दे को कई प्लेटफॉर्म पर उठाते रहे हैं और समय आने पर संसद में भी उठाएंगे।
सांसद ने कहा कि गायों के प्रति मुसलमानों की भावनाओं के बारे में लोगों को गुमराह किया गया है। गाय का घी अमृत की तरह सबके लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह मुसलमानों के खिलाफ झूठा प्रोपेगेंडा है। इस देश में मुसलमानों का कभी भी हिंदू धर्म की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं रहा है।
गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि जब वह छोटे थे और उन्हें सर्दी होती थी, तो उनकी मां पुराना गाय का घी लेकर उनके सीने पर मलती थीं और सिंकाई करती थीं। इसे सबसे अच्छी दवा माना जाता था। माना जाता था कि इससे सर्दी और सीने की जकड़न ठीक हो जाएगी।
सांसद ने ये बातें ‘बृजभूषण मार्कंडेय’ नाम के यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान कहीं। अफजाल अंसारी ने कहा कि लोगों को गलतफहमी है कि मुसलमान गाय का मांस खाने के लिए उत्सुक रहते हैं। यह सच नहीं है और अगर कोई ऐसा सोचता है, तो उसने अपने पैगंबर की शिक्षाओं को न तो समझा है, न पढ़ा है और न ही सुना है।
समाजवादी पार्टी के सांसद ने आगे कहा कि जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ रक्षा के लिए कदम उठाए तो उन्हें बहुत खुशी हुई। गाजीपुर के सांसद ने कहा कि वह शंकराचार्य के अभियान का समर्थन करते हैं। वह सार्वजनिक मंचों पर इसकी तारीफ करते हैं और समय आने पर संसद में भी इसके बारे में बोलेंगे।
गौरतलब है कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लंबे समय से गोरक्षा के मुखर समर्थक रहे हैं। वह मांग करते हैं कि गाय को राष्ट्रीय माता घोषित किया जाए, गौ हत्या पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और पूरे देश में एक समान कानून लागू किया जाए। इन मांगों को पूरा करवाने के लिए उन्होंने ‘गौ प्रतिष्ठा यात्रा’ जैसे आंदोलन शुरू किए हैं।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद देश में गोरक्षा के बारे में जन जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं। वह राजनीतिक दलों से भी इस मुद्दे पर साफ रुख अपनाने की अपील करते हैं। वह लोगों से गोरक्षा की वकालत करने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का आग्रह करते हैं।