महाकुंभ के बाद लापता हो गए 161 पुलिसकर्मी, कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में मचा हड़कंप

161 Policemen Missing: कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात 161 पुलिसकर्मियों के लापता होने का मामला सामने आया है। येसभी पुलिसकर्मी महाकुंभ के बाद छुट्टी पर अपने गृह जनपद गए थे और 'लापता' हो गए।
161 Policemen Missing
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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161 Policemen Missing: उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात 161 पुलिसकर्मियों के लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ये पुलिसकर्मी महाकुंभ के बाद छुट्टी पर अपने गृह जनपद गए थे, लेकिन समय पर ड्यूटी पर नहीं लौटे। कुछ पुलिसकर्मी कुछ दिनों से तो कुछ तीन से छह महीने से लापता हैं।

पुलिस विभाग ने इन पुलिसकर्मियों की तलाश के लिए बार-बार नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। थक-हारकर विभाग ने इनकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, ये 161 पुलिसकर्मी कानपुर कमिश्नरेट के चारों जोन, पुलिस लाइन, कार्यालय और यातायात विभाग में तैनात हैं।

विभाग ने 'डिस्लोकेट' कैटेगरी में डाला

सभी पुलिसकर्मी छुट्टी पर अपने घर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। पुलिस विभाग में छुट्टियां मिलना मुश्किल है और जब भी पुलिसकर्मी छुट्टी पर जाते हैं, तो कई बार पारिवारिक या अन्य कारणों से समय पर ड्यूटी पर नहीं आते। लंबे समय से अनुपस्थित रहने और विभाग के पत्राचार का जवाब न देने के कारण इन पुलिसकर्मियों को 'विस्थापित' श्रेणी में डाल दिया गया है।

जांच के आधार पर होगा एक्शन: कासिम आबिदी

विभाग ने इन पुलिसकर्मियों के गृह जिलों को दो बार नोटिस भेजे, लेकिन न तो कोई जवाब मिला और न ही ये पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लौटे। पुलिस उपायुक्त एसएम कासिम आबिदी ने कहा, "ऐसे मामलों में जाँच के आधार पर कार्रवाई होती है और आगे भी की जाएगी। हमने सभी लापता पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है और आगे की कार्रवाई प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।"

कैसे गायब हुए कितने पुलिस कर्मी?

  • 41 पुलिसकर्मी अलग-अलग ड्यूटी पर जाने के बाद से 'लापता' हैं।
  • 39 पुलिसकर्मी विभागीय कार्रवाई के बाद से 'डिसलोकेट' हैं।
  • 34 पुलिसकर्मी छुट्टी लेने के बाद से 'गैरहाजिर' हैं।
  • 27 पुलिसकर्मी बीमारी की छुट्टी लेकर गए लेकिन वापस नहीं लौटे।
  • 20 पुलिसकर्मी छह महीने बाद भी गैर जनपद से वापस नहीं आए।

विभागीय कार्रवाई शुरू, जाँच तेज़

विभागीय सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक शामिल हो सकती है। डीसीपी मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि यह गंभीर अनुशासनहीनता का मुद्दा है। जाँच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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