पीएम सूर्य घर योजना में तेजी: सोलर पैनल पर सब्सिडी और सस्ता लोन, बिजली बिल होगा कम
PM Surya Ghar Yojana : सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी और सस्ता लोन मिल रहा है, जिससे बिजली बिल कम और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
- Written By: हितेश तिवारी
पीएम सूर्य घर योजना (फोटो - गूगल इमेज)
Rooftop Solar Scheme : आम लोगों को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में विद्युत विभाग और बैंकों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं का बिजली बिल काफी कम हो जाता है। साथ ही यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से लागू
योजना के तहत अलग-अलग क्षमता के सोलर पैनल पर सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवाट पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक पर 78 हजार रुपये तक की सहायता मिलती है। इसके अलावा, सोलर सिस्टम लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से करीब 7 प्रतिशत ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
जिले में अब तक 843 उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवा लिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय समय में इंस्टॉलेशन किया जाएगा और सात साल तक मुफ्त मरम्मत व रख-रखाव की सुविधा भी मिलेगी।
ये खबर भी पढ़ें : यात्रियों की भारी भीड़ कम करने के लिए Indian Railway 15 अप्रैल से चलाएगा 18262 समर स्पेशल ट्रेनें
योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए, खासकर अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उपभोक्ता अपनी खपत के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता चुन सकते हैं, जैसे 150 यूनिट तक के लिए 1 किलोवाट और 300 यूनिट से अधिक के लिए 3 किलोवाट या ज्यादा क्षमता उपयुक्त रहती है।
सोलर पैनल से बनी अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिल में समायोजित किया जा सकता है, जिससे अतिरिक्त बचत होती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।
