

Nitin Gadkari Announces India's New Toll System: भारत की नई टोल प्रणाली के लागू होने से भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करना अब और भी ज्यादा आसान होने वाला है। टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम और भीड़ से लोगों को बहुत ही जल्द पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा। सरकार अब एक ऐसा बैरियर-फ्री सिस्टम ला रही है जिसमें किसी भी गाड़ी को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इस नई और आधुनिक तकनीक के आने से लोगों के समय और ईंधन दोनों की भारी बचत आसानी से हो सकेगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस बहुत ही शानदार नई योजना की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसी साल दिसंबर महीने से देश के कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह सुविधा शुरू हो जाएगी। यह पूरा सिस्टम एडवांस कैमरे और फास्टैग जैसी बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं पर पूरी तरह से आधारित होगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ नोटिस भेजकर फास्टैग बंद करने जैसी बहुत ही सख्त कार्रवाई भी तुरंत की जाएगी।
इस नए सिस्टम में गाड़ियों की नंबर प्लेट पहचानने वाले सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक फास्टैग का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें लगे हुए एडवांस कैमरे और सेंसर गुजरने वाली सभी गाड़ियों की बहुत ही सटीक तरीके से पहचान कर लेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आरएफआईडी (RFID) की मदद से फास्टैग से अपने आप ही टोल के पैसे कट जाएंगे।
मौजूदा समय में सभी गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकना पड़ता है जिसके बाद कैमरे फास्टैग को रीड करते हैं। लेकिन इस नई बैरियर-फ्री प्रणाली के लागू होने के बाद किसी भी गाड़ी को अपना ब्रेक नहीं लगाना पड़ेगा। गाड़ियां अपनी पूरी स्पीड के साथ वहां से गुजर सकेंगी और उनके खाते से टोल का पैसा तुरंत कट जाएगा।
इस आधुनिक सिस्टम के तहत नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों को डिजिटल रूप से नोटिस भेजे जाएंगे। अगर कोई व्यक्ति टोल का भुगतान नहीं करता है तो उसका फास्टैग हमेशा के लिए बंद भी किया जा सकता है। कानून तोड़ने वालों पर सरकार की तरफ से अन्य कई तरह की कड़ी और सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि नए एक्सप्रेसवे बनने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च काफी हद तक घट गया है। भारत में यह खर्च पहले 16 प्रतिशत हुआ करता था जो अब घटकर लगभग 10 प्रतिशत के आस-पास आ गया है। अमेरिका और यूरोप में यह लागत करीब 12 प्रतिशत है जबकि चीन में यह 8 से 10 प्रतिशत के बीच रहती है।
भारत सरकार इस बहुत ही महत्वपूर्ण योजना को इसी साल दिसंबर तक कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू कर देगी। इससे माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों और आम यात्रियों दोनों को सफर में बहुत ही ज्यादा सहूलियत मिलने वाली है। यह नया कदम देश के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क यातायात को एक बहुत ही नई और आधुनिक दिशा प्रदान करेगा।