Ayushman Card होने पर भी अस्पताल ने किया इलाज से इनकार? बस यहां करें एक कॉल; बिना किसी देर होगा एक्शन
Ayushman Bharat Yojana: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का इलाज कवर दिया जाता है। यह पूरा खर्च सरकार उठाती है, जिससे लोगों पर बोझ नहीं पड़ता।
- Written By: मनोज आर्या
आयुष्मान भारत कार्ड, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ayushman Bharat Yojana: देश के गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के मकसद से भारत सरकार अलग-अलग तरह की कई योजनाएं शुरू की हैं। केंद्र सरकार के इन्हीं योजनाओं में से एक बेहद महत्वपूर्ण योजना है आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)। इस योजना के तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का इलाज कवर दिया जाता है। इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाती है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
इस योजना का लाभ लेने के लिए आयुष्मान कार्ड (Ayushman Bharat Yojana) होना जरूरी है। हालांकि, कई बार ऐसी खबरें भी सामने आती हैं कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी कुछ प्राइवेट अस्पताल मरीजों को भर्ती करने या इलाज देने से इनकार कर देते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो इस स्थिति में आप क्या कर सकते हैं। आइए सबकुछ विस्तार से जानते हैं।
इलाज नहीं मिलने पर क्या करें?
अगर कोई अस्पताल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से जुड़ा है, लेकिन बावजूद इसके इलाज देने से इनकार करता है, तो आप तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है, इसको हम स्टेप-बॉय-स्टेप जानते हैं।
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- सबसे पहले आपको PMJAY Grievance Portal पर जाना होगा।
- यहां ‘Register Your Grievance’ ऑप्शन चुनकर जरूरी जानकारी भरनी होगी।
- शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग मामले की जांच करता है और गलती पाए जाने पर अस्पताल के खिलाफ एक्शन लेता है।
फोन और ऐप से भी कर सकते हैं शिकायत
अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं करना चाहते, तो सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14555 भी दिया है, जहां कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल तरीका अपनाने वालों के लिए UMANG ऐप भी काफी आसान ऑप्शन है। इसमें आयुष्मान भारत सेक्शन में जाकर ‘Grievance Redressal’ के जरिए शिकायत की जा सकती है।
शिकायत से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ शिकायत मजबूत बनाने के लिए कुछ जरूरी चीजें संभालकर रखना बेहद जरूरी है। अगर किसी भी समय सबूत के तौर पर आपसे मांगा जाए तो आप अपने शिकायत को इन जरूरी चीजों के जरिए और मजबूत बना सकते हैं।
- आयुष्मान कार्ड की कॉपी
- अस्पताल से जुड़ी कोई पर्ची या दस्तावेज
- अगर संभव हो तो फोटो या वीडियो सबूत
- इसके अलावा डॉक्टर या स्टाफ से हुई बातचीत की जानकारी
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शिकायत दर्ज करने के बाद आपको एक ग्रिवेंस नंबर मिलता है, जिसे नोट करके अपने साथ रख लें। अगर तय समय में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो उसी नंबर से दोबारा फॉलो-अप करें।
