जल्द आ रहा है EPFO 3.0: कर्मचारियों के लिए डिजिटल सिस्टम में होंगे बड़े बदलाव! जानें इसके फायदे

EPFO 3.0 Benefits: EPFO जल्द ही अपना नया डिजिटल सिस्टम 'EPFO 3.0' लॉन्च करने जा रहा है जिसमें UPI से पैसा निकालने, कोर बैंकिंग सिस्टम और क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
EPFO 3.0 Launching Soon: Big Digital Changes and Benefits for Over 8 Crore Employees and Members
EPFO जल्द लाएगा 'EPFO 3.0' (सोर्स-सोशल मीडिया)
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EPFO Launches New Digital System: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने अगले बड़े टेक्नोलॉजी अपग्रेड 'EPFO 3.0' की तैयारी पूरी कर रहा है। यह EPFO नया डिजिटल सिस्टम लॉन्च करोड़ों सदस्यों के डिजिटल अनुभव को बदलने वाला है। आधुनिक कोर बैंकिंग प्रणाली और AI तकनीक से लैस यह मंच भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बना है। इस बदलाव से क्लेम प्रोसेसिंग की रफ्तार बढ़ेगी और शिकायतों का निवारण पहले से काफी आसान हो जाएगा।

क्या है EPFO 3.0 और इसके मुख्य बदलाव?

EPFO 3.0 के तहत एक बिल्कुल नया पोर्टल, आधुनिक बैकएंड सॉफ्टवेयर और कोर बैंकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यह सिस्टम बैंकों की तरह सेंट्रलाइज्ड होगा जिससे सदस्य किसी भी कार्यालय से अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। अब सदस्यों को अपने PF खाते से जुड़ी सेवाओं के लिए किसी एक विशेष क्षेत्रीय कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना होगा।

क्या है EPFO 2.0 और इसके महत्वपूर्ण सुधार?

EPFO 2.0 सुधार वर्तमान में अपने अंतिम चरण में हैं और कई सुविधाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) और आंतरिक टास्क अलॉटमेंट मॉड्यूल जैसे सिस्टम सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। आने वाले कुछ महीनों में पेंशन, क्लेम और वार्षिक लेखा से जुड़े तीन और मॉड्यूल लॉन्च किए जाएंगे।

क्या है कोर बैंकिंग सिस्टम का असली फायदा?

कोर बैंकिंग सॉल्यूशन EPFO 3.0 का सबसे अहम हिस्सा है जो सभी कार्यालयों को एक ही सेंट्रल प्लेटफॉर्म पर लाता है। इससे PF क्लेम प्रोसेसिंग बहुत आसान हो जाएगी और देशभर में शिकायत निवारण की प्रक्रिया में तेजी से सुधार होगा। यह आधुनिक व्यवस्था स्थानीय कार्यालयों पर निर्भरता कम करके पारदर्शिता और कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा देने वाली है।

क्या अब UPI से होगी PF की निकासी?

EPFO 2.0 और 3.0 के अंतर्गत भीम ऐप के जरिए UPI-आधारित PF निकासी की सुविधा पर काम चल रहा है। शुरुआती चरण में UPI के जरिए निकासी की सीमा 25,000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तक रखने की योजना बनाई गई है। सदस्य अपने खाते में अनिवार्य 25 प्रतिशत बैलेंस को छोड़कर बाकी उपलब्ध राशि को मोबाइल से ही देख सकेंगे।

क्या AI तकनीक से क्षेत्रीय भाषा में मिलेगी मदद?

सदस्यों के साथ बेहतर संवाद के लिए EPFO आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित भाषा अनुवाद टूल्स का उपयोग करने वाला है। इसके लिए 'भाषिणी' प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे सदस्यों को स्थानीय भाषाओं में जानकारी मिलेगी। यह सुविधा देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले श्रमिकों को उनकी अपनी भाषा में PF सिस्टम समझने में मदद करेगी।

क्या असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भी होंगे शामिल?

EPFO 3.0 को अगले 10 वर्षों की जरूरतों और लेबर कोड्स के तहत बढ़ते दायरे को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अब EPFO के पास असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए अलग फंड प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलने की भी उम्मीद है। वर्तमान में EPFO लगभग 8 करोड़ सक्रिय सदस्यों और 28 लाख करोड़ के विशाल कोष का प्रबंधन कर रहा है।

क्या KYC अपडेट करना अभी भी अनिवार्य है?

EPFO ने धोखाधड़ी रोकने और डेटा मॉनिटर करने के लिए सभी खाताधारकों हेतु KYC को अनिवार्य कर दिया है। KYC होने से पहचान प्रमाणित होती है और PF निकासी, ट्रांसफर या पेंशन प्रक्रिया में किसी तरह की रुकावट नहीं आती। इससे खाताधारकों के बैंक खाते और पहचान की जानकारी EPFO रिकॉर्ड में अपडेट रहती है जिससे सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

किन कंपनियों को मिला है टेक्नोलॉजी का टेंडर?

नई IT प्रणाली को लागू करने के लिए EPFO ने विप्रो, इन्फोसिस और TCS जैसी बड़ी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है। फिलहाल इस नए प्लेटफॉर्म को संचालित और रखरखाव करने वाली एजेंसी को चुनने की अंतिम वित्तीय जांच चल रही है। जल्द ही यह भविष्य-तैयार सिस्टम देशभर के करोड़ों श्रमिकों को एक बेहतर और सुगम डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा।

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