BHIM एक मोबाइल ऐप और UPI में अंतर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Digital Payment Technology In India: आज के समय में डिजिटल लेनदेन हमारी जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और लोग अक्सर BHIM और UPI शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, ये दोनों आपस में जुड़े होने के बावजूद एक-दूसरे से काफी अलग हैं और इनके बीच के बुनियादी अंतर को समझना जरूरी है। यह जानकारी न केवल आपके ज्ञान को बढ़ाएगी बल्कि आपको सुरक्षित और सुगम डिजिटल भुगतान करने में भी काफी मदद करेगी।
डिजिटल पेमेंट के संदर्भ में UPI एक आधुनिक तकनीक है जिसे बैंक खाताधारकों के लिए भुगतान आसान बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। दूसरी ओर BHIM एक आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन है जो इसी UPI तकनीक का उपयोग करके लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। सरल शब्दों में कहें तो UPI वह रास्ता है जिस पर चलकर BHIM ऐप आपके पैसों का लेनदेन सफलतापूर्वक पूरा करता है।
UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को IMPS फ्रेमवर्क पर तैयार किया गया है लेकिन यह उससे कहीं अधिक सरल और तेज माना जाता है। इसमें पैसे भेजने के लिए लाभार्थी का नाम, बैंक खाता नंबर या IFSC कोड जैसी लंबी जानकारी डालने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। सिर्फ एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस या मोबाइल नंबर के जरिए आप दिन या रात किसी भी समय पैसा तुरंत ट्रांसफर कर सकते हैं।
BHIM (भारत इंटरफेस फॉर मनी) ऐप को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने खुद विकसित किया है जो इसे काफी भरोसेमंद बनाता है। इसे साल 2016 में UPI तकनीक के प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के तौर पर लॉन्च किया गया था ताकि आम जनता इस प्रणाली को समझ सके। यह ऐप सरकारी समर्थित है और इसमें QR कोड तथा UPI-ID से पैसे भेजने और मांगने की पूरी सुविधा मिलती है।
NPCI ने UPI के माध्यम से होने वाले लेनदेन के लिए कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय दिशा-निर्देश और सीमाएं तय की हैं जिनका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। वर्तमान नियमों के अनुसार, UPI प्लेटफॉर्म पर प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 1 लाख तक की लिमिट तय की गई है जो सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। BHIM ऐप भी पूरी तरह से इन्हीं गाइडलाइंस का पालन करता है ताकि यूजर्स का पैसा और डेटा हर स्थिति में सुरक्षित रहे।
बाजार में BHIM के अलावा Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे कई अन्य ऐप्स भी उपलब्ध हैं जो इसी UPI तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। यूजर्स अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से एक से ज्यादा UPI ऐप अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल कर सकते हैं और उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपको अतिरिक्त फीचर्स चाहिए तो अन्य ऐप्स चुनें, लेकिन सीधे और सरल भुगतान के लिए BHIM हमेशा एक बेहतरीन विकल्प है।
UPI प्रणाली का मुख्य मकसद भारत को एक सशक्त कैशलेस इकोनॉमी की ओर ले जाना है जहां हर व्यक्ति स्मार्टफोन से आसानी से भुगतान कर सके। यह प्रणाली 24×7 काम करती है जिसका मतलब है कि बैंक की छुट्टियों के दिन भी आपके जरूरी ट्रांजैक्शन कभी नहीं रुकते हैं। सरकार भी अब डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कैशबैक और ईनाम जैसी नई योजनाओं को अपनी मंजूरी दे रही है।
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BHIM ऐप को सीधे NPCI द्वारा विकसित किए जाने के कारण इसे अन्य निजी ऐप्स की तुलना में अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय माना जाता है। इसमें सुरक्षा की कई परतें होती हैं और यह सीधे आपके बैंक खाते से जुड़कर रियल टाइम में पैसों का सटीक भुगतान सुनिश्चित करता है। सरकारी समर्थन प्राप्त होने के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गई है।
ज्यादातर लोग BHIM और UPI को एक ही मान लेते हैं लेकिन वास्तव में एक तकनीक है और दूसरा उसे चलाने वाला माध्यम मात्र है। इस स्पष्टता के बाद अब आप बेहतर तरीके से समझ पाएंगे कि आपका डिजिटल वॉलेट या पेमेंट ऐप किस तकनीकी आधार पर काम करता है। भविष्य में डिजिटल पेमेंट्स के और अधिक सरल होने की उम्मीद है जिससे आम आदमी का वित्तीय जीवन और भी आसान होगा।
Ans: BHIM (भारत इंटरफेस फॉर मनी) एक आधिकारिक मोबाइल ऐप है, जिसे NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने खुद विकसित किया है।
Ans: UPI का पूरा नाम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस है और इसे IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) फ्रेमवर्क पर तैयार किया गया है।
Ans: NPCI की गाइडलाइंस के अनुसार UPI और BHIM ऐप के लिए प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 1 लाख की लिमिट तय की गई है।
Ans: हां, आप चाहें तो अपने फोन में एक से ज्यादा UPI ऐप (जैसे BHIM, PhonePe, GPay आदि) इंस्टॉल कर सकते हैं और उनका उपयोग कर सकते हैं।
Ans: UPI के जरिए पैसे भेजने के लिए बैंक खाता नंबर या IFSC कोड की जरूरत नहीं होती, इसे सिर्फ VPA, QR कोड या मोबाइल नंबर से किया जा सकता है।