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प्रसाद नहीं इस मंदिर में जूते-चप्पल चढ़ाते हैं भक्त, जानें क्या है इसके पीछे की कहानी

भगवान के मंदिर परिसर में जूत-चप्पल पहनना अपवित्र या अपमान जनक माना जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौजूद इस मंदिर में लोग भगवान को जूते-चप्पल प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं।

  • Written By: प्रीति शर्मा
Updated On: Dec 02, 2024 | 03:11 PM

जीजाबाई मंदिर, भोपाल (सौ. सोशल मीडिया)

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Jijabai Temple Bhopal: हिंदू धर्म में देवी-देवताओं के लिए कई मंदिर बनाए गए हैं जहां पर लोग पूजा करते हैं। मान्यताओं के अनुसार भगवान की पूजा करने के विधि और तरीका हर जगह अलग-अलग होता है। अक्सर आपने देखा होगा कि भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान को अर्पित करने के लिए प्रसाद चढ़ाते हैं। जिसमें लड्डू, मावा, बर्फी, मिठाई, चीनी जैसी चीजें होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसा अनोखा मंदिर भी मौजूद हैं जहां पर लोग भगवान प्रसाद के रूप में जूते-चप्पल चढ़ाते हैं। यह बात सुनने में भी अजीब लगती है लेकिन यह सच है।

मंदिर में जूते-चप्पल चढ़ाते हैं भक्त

भगवान के मंदिर परिसर में जूत-चप्पल पहनना अपवित्र या अपमान जनक माना जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौजूद इस मंदिर में लोग भगवान को जूते-चप्पल प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं। यह मंदिर भोपाल के कोलार क्षेत्र में पहाड़ी पर स्थित है। इस अनोखे मंदिर में माता सिद्धिदात्री विराजमान है। स्थानीय लोग इस मंदिर को जीजाबाई माता मंदिर के नाम से जानते हैं। यह मंदिर बहुत ही खास स्थान रखता है। यहां पर आने वाला हर व्यक्ति माता को भेंट के रूप में नए-नए जूते चप्पल देता है।

दरअसल भोपाल के इस जीजाबाई मंदिर में भक्त देवी को बेटी के रूप में पूजते हैं। जिस वजह से यहां पर आने वाला हर भक्त देवी के लिए नई चप्पल लेकर आता है। देवी के इस मंदिर में विदेशों से भी भक्त आते हैं जो नए-नए जूते व सैंडल भेजते हैं। इस मंदिर पर पहुंचने के लिए आपको लगभग 300 सीढ़ी चढ़नी होगी।

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किसने बनवाया मंदिर

जानकारी के अनुसार जीजाबाई मंदिर की स्थापना ओमप्रकाश ने करीब 30 साल पहले की थी। इस मंदिर की स्थापना करने से पहले उन्होंने भगवान शिव और पार्वती का विवाह कराया गया था। इस विवाह में उन्होंने खुद पार्वती जी का कन्यादान लिया और इस कारण ओम प्रकाश माता को बेटी मानकर पूजा करते हैं।

इस मंदिर में लोग सिद्धिदात्री पहाड़ वाला मंदिर, पहाड़ा वाला मंदिर और जीजाबाई मंदिर के नाम स जानते हैं। इस मंदिर में मां बाल रूप में स्थापित हैं। भक्त बेटी की सेवा में कोई कमी नहीं रखते हैं। इस वजह से बेटियों और बच्चों के उपयोग का सामान इस मंदिर में अर्पित किया जाता है। इस मंदिर में जूते चप्पल के अलावा कैप, घड़ी, चश्मा, सैंडल और गर्मियों के कपड़े भी चढ़ाए जाते हैं। माना जाता है कि इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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Why devotees offer shoes and slippers in this temple of bhopal instead of prasad

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Published On: Dec 02, 2024 | 03:11 PM

Topics:  

  • Bhopal
  • Madhya Pradesh

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