बच्चा रोएगा नहीं, बल्कि सफर का मजा लेगा! टॉडलर के साथ लंबी ट्रिप के लिए अपनाएं यह जादुई ट्रिक्स
Travel Guide: टॉडलर के साथ लंबी ट्रिप को बनाना है आसान? अपनाएं ये स्मार्ट टिप्स। भूख, नींद और बोरियत का रखें ख्याल, ताकि आपका सफर बने यादगार और तनावमुक्त।
- Written By: सजल रघुवंशी
प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
Travel Tips With Kids: परिवार के साथ लंबी ट्रिप पर जाना जितना रोमांचक होता है उतना ही चुनौतीपूर्ण भी बन सकता है। खासतौर पर जब साथ में ‘टॉडलर’ हो। छोटे बच्चों के लिए घंटों एक जगह बैठना आसान नहीं होता, जिससे वह चिड़चिड़े हो जाते हैं और टैंट्रम्स दिखाने लगते हैं। ऐसे में माता-पिता के लिए सफर मुश्किल हो सकता है लेकिन सही तैयारी और समझदारी से इस अनुभव को आसान बनाया जा सकता है।
सफर से पहले करें मानसिक तैयारी
ट्रिप शुरू होने से पहले ही बच्चों को मानसिक रूप से तैयार करना बेहद जरूरी है। उन्हें सरल भाषा में बताएं कि आप कहां जा रहे हैं और रास्ते में क्या देखने को मिलेगा। बच्चों के लिए एक ‘सरप्राइज बैग’ तैयार करें, जिसमें उनके पसंदीदा खिलौने, नई किताबें या रंग भरने की चीजें हों। जब बच्चा बोर होने लगे, तो धीरे-धीरे यह चीजें निकालकर उसे व्यस्त रखें।
भूख से बचाएं, मूड रखें ठीक
भूख छोटे बच्चों के चिड़चिड़ेपन का सबसे बड़ा कारण होती है इसलिए सफर के दौरान अपने साथ हेल्दी स्नैक्स जरूर रखें। मखाना, फल, ड्राई फ्रूट्स या घर के बने सैंडविच बच्चे के मूड को तुरंत बेहतर बना सकते हैं। समय पर कुछ न मिलने पर बच्चे जल्दी परेशान हो जाते हैं और टैंट्रम्स दिखाने लगते हैं।
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आराम और रूटीन का रखें ध्यान
सफर के दौरान बच्चों को ढीले और आरामदायक कपड़े पहनाएं। उनका पसंदीदा तकिया या ब्लैंकेट साथ रखें, जिससे उन्हें घर जैसा महसूस हो। अगर बच्चा थका हुआ है, तो उसे सोने दें क्योंकि नींद की कमी चिड़चिड़ेपन को बढ़ाती है। साथ ही कोशिश करें कि बच्चे के खाने और सोने का समय घर जैसा ही बना रहे, ताकि उसका रूटीन न बिगड़े।
बीच-बीच में लें ब्रेक
अगर आप कार से यात्रा कर रहे हैं तो हर 2-3 घंटे में छोटा ब्रेक लेना जरूरी है। बच्चों को गाड़ी से बाहर निकलने दें, थोड़ी दौड़-भाग करने दें और ताजी हवा लेने का मौका दें। छोटे बच्चों में भरपूर ऊर्जा होती है जिसे बाहर निकालना जरूरी है वरना वह बेचैन होकर नखरे करने लगते हैं।
स्क्रीन टाइम से पहले अपनाएं क्रिएटिव तरीके
लंबी यात्रा में स्क्रीन टाइम एक विकल्प हो सकता है लेकिन इसे अंतिम उपाय के तौर पर रखें। इसके बजाय बच्चों को कहानियां सुनाएं उनके साथ राइम्स गाएं या आसपास दिखने वाली चीजों को पहचानने का खेल खेलें। जैसे लाल कार, पेड़ या जानवर ढूंढना। इससे बच्चे एंगेज रहते हैं और सफर मजेदार बन जाता है।
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खुद शांत रहें, बच्चे को समझें
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माता-पिता खुद शांत रहें। अगर बच्चा रो रहा है या गुस्सा कर रहा है, तो उस पर चिल्लाने के बजाय उसे गले लगाएं और प्यार से शांत करें। आपका व्यवहार ही बच्चे को सुरक्षा और समझ का एहसास दिलाता है। जब आप शांत रहेंगे, तो बच्चा भी जल्दी सामान्य हो जाएगा। इन आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने परिवार के साथ लंबी यात्रा को न सिर्फ आरामदायक बल्कि यादगार भी बना सकते हैं।
