गुलमर्ग की खूबसूरत वादियां।
Gulmarg Travel Tips: जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग की बर्फबारी जितनी खूबसूरत लगती है, ये सफर उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आप इस सफेद जन्नत की सैर का प्लान बना रहे तो जोश के साथ थोड़ी सावधानी जरूरी है। फिलहाल वहां भारी बर्फबारी के चलते सड़कें कांच जैसी फिसलन भरी हुई हैं। ट्रैफिक का बुरा हाल है। आपकी यात्रा सुरक्षित और यादगार रहे, इसके लिए आसान और जरूरी टिप्स दिए गए हैं।
श्रीनगर से गुलमर्ग का जो रास्ता अमूमन 1.5 घंटे में तय होता था, वो भारी बर्फ के चलते अब वहां 5 से 6 घंटे लग रहे। टंगमर्ग से गुलमर्ग के बीच गाड़ियों की लंबी कतारें हैं, इसलिए सुबह जितना जल्दी हो सके निकलें। हड़बड़ी न करें, क्योंकि फिसलन में तेज गाड़ी चलाना खतरनाक है।
पहाड़ी रास्तों पर बर्फ की वजह से टायर अपनी पकड़ खो देते हैं। टंगमर्ग पहुंचने के बाद गाड़ी के टायरों पर लोहे की स्नो चेन जरूर लगवाएं। बिना चेन के गाड़ियां ढलान पर पीछे की तरफ फिसल सकती हैं, जो बहुत जोखिम भरा है।
आप घंटों ट्रैफिक में फंसे रह सकते हैं, इसलिए अपनी कार को छोटे घर की तरह तैयार रखें। उसमें खाना-पानी-बिस्कुट, ड्राई फ्रूट्स, चॉकलेट और पीने का पर्याप्त पानी साथ रखें। पावर बैंक- फोन की बैटरी ठंड में जल्दी खत्म होती है, इसलिए पावर बैंक साथ रखें। दवाइयां- मोशन सिकनेस और सर्दी-खांसी की बेसिक दवाएं पास रखें।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास सावधानी बरतें। केवल एक भारी जैकेट के बजाय 3-लेयर कपड़े पहनें। इससे शरीर की गर्मी बनी रहती है। साथ ही वॉटरप्रूफ जूते पहनें, ताकि पैरों में नमी न जाए।
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इतनी मशक्कत के बाद आप गुलमर्ग पहुंचेंगे तो वहां का नजारा आपकी सारी थकान मिटा देगा। वहां आप इनका मजा ले सकते हैं।
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कैफे कल्चर: बर्फ गिरते हुए देखना और गरम कहवा पीना एक अलग ही सुकून देता है।