दक्षिण भारत की इन जगहों पर कर सकते हैं पोंगल सेलिब्रेट (सौ. सोशल मीडिया)
Places to Visit During Pongal: पोंगल दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में शामिल है। जो मकर संक्रांति के दिन ही मनाया जाता है। इस दिन लोग गाय और बैलों की पूजा करते हैं और उन्हें सुंदर वस्तुओं से सजाते हैं। इस त्योहार पर लोग विशेष रूप से सूर्य देवता की पूजा करते हैं और नए फसल के आगमन की खुशी मनाते हैं। इस साल पोंगल 15 जनवरी 2025 को है। यह त्योहार विशेष रूप से तमिलनाडु में मनाया जाता है। जो कि करीब चार दिनों तक चलता है। पोंगल का आखिरी दिन मट्टू पोंगल पर पशुओं की पूजा की जाती है।
जिस प्रकार उत्तर भारत में मकर संक्रांति, पंजाब में लोहड़ी और गुजरात में उत्तरायण मनाया जाता है उसी प्रकार तमिलनाडु में पोंगल मनाया जाता है। जिसमें समृद्धि के लिए वर्षा, धूप, कृषि से संबंधित चीजों की पूजा की जाती है। इस त्योहार को परिवार के सदस्य मिलकर मनाते हैं।
पोंगल के दौरान कर्नाटक के उडुपी शहर भी घूमने जा सकते हैं। यहां पर मौजूद प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर में पोंगल का जश्न बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। यहां पर कान्हा और अन्य देवी देवताओं को 3 रथों पर सवार किया जाता है जिन्हें 100 से भी ज्यादा लोग खींचते हैं। यहां पर मलपी बीच, कौप बीच, गणेश मंदिर में पारंपरिक कार्यक्रम भी होते हैं।
कोयंबटूर से करीब 45 किमी दूर स्थित पोल्लची बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां पर पोंगल मनाने का मजा दोगुना हो जाएगा। यहां पर अलियार बांध, इंदिरा गांधी वन्यजीव अभ्यारण, टाइगर पार्क आदि देख सकते हैं। पूरा साल किसी भी मौसम में यहां पर आना बेस्ट है। पोंगल के दौरान लोगों का उत्साह देखना काफी मजेदार अनुभव होगा।
पोंगल चार दिनों का त्योहार होता है। जिसे तंजावुर शहर में खास तरीके से मनाया जाता है। यहां पर तीसरे दिन मट्टू पोंगल पर विशेष रौनक होती है। इस दिन पालतू जानवरों को बृहदेश्वर मंदिर में लेकर पूजा जाता है। इस शहर की खूबसूरती आपकी आंखों में बस जाएगी।
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तमिलनाडु की औद्योगिक नगरी सेलम में पोंगल बहुत ही अनोखे ढंग से मनाया जाता है। यहां पर इस दिन लोमड़ी और गाय की पूजा की जाती है। यहां पर लोग जंगल में लोमड़ी के लिए प्रसाद लेकर जाते हैं। यहां पर मौजूद सुगवनेश्वर मंदिर काफी प्रसिद्ध है।
मीनाक्षी मंदिर के लिए फेमस तमिलनाडु का मदुरै शहर पोंगल के लिए जाना जाता है। यहां पर मंदिरों में चार दिनों तक उत्सव का माहौल रहता है। पारंपरिक कार्यक्रम और अनुष्ठान इस त्योहार को खास बनाते हैं। यहां पर आप कई सारी जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।