गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर जरुर जाए मोती डूंगरी मंदिर, 500 साल पुरानी मूर्ति के करें दर्शन
गणेश चतुर्थी का शुभारंभ हो चुका है, जहां जगह-जगह गणपति बाप्पा विराजमान हो चुके है। इस बीच श्रद्धालु कई जगहों पर प्रसिद्ध गणपति मंदिरों के दर्शन करने जाते है। अगर आप भी गणपति बाप्पा के प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन करना चाहते है तो जयपुर में स्थित इस फेमस मंदिर में दर्शन जरुर करिये।
- Written By: प्रिया जैस
मोती डूंगरी (सौजन्य- एक्स@Ankit_S1111/ पिनटरेस्ट)
नवभारत डेस्क: गणेश चतुर्थी का शुभारंभ हो चुका है, जहां जगह-जगह गणपति बाप्पा विराजमान हो चुके है। इस बीच श्रद्धालु कई जगहों पर प्रसिद्ध गणपति मंदिरों के दर्शन करने जाते है। अगर आप दर्शन करने के लिए जयपुर जा रहे है या जयपुर शहर में है तो यहां के इस प्रसिद्ध गणपति मंदिर का दर्शन करना बिल्कुल मत भूलना।
गणपति बाप्पा का यह मंदिर जयपुर , राजस्थान में स्थित है, जिसका नाम है मोती डूंगरी मंदिर। इस मोती डूंगरी मंदिर को 1761 में सेठ जय राम पालीवाल की देखरेख में बनाया गया था। यह मंदिर शहर का एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है और बिड़ला मंदिर के बगल में स्थित है।
जयपुर में स्थित है मोती डूंगरी
ये प्रसिद्ध मोती डूंगरी मंदिर राजस्थान के जयपुर में मोती डूंगरी पहाड़ी और मोती डूंगरी किले के नीचे स्थित है। कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित भगवान श्री गणेश की मूर्ति 500 साल से भी ज़्यादा पुरानी है। कहते है इस मूर्ति को 1761 में सेठ जय राम पालीवाल द्वारा यहां लेकर आए थे जब वह महाराजा माधो सिंह प्रथम के साथ उदयपुर से आए थे।
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मोती डूंगरी (सौजन्य- पिनटरेस्ट)
इस मंदिर में सिंदूरी रंग से बनी इस गणेश प्रतिमा की सूंड दाहिनी ओर है। यहा सभी श्रद्धालु लड्डू का भोग लगाते है। यहां हर साल लगभग 1.25 लाख श्रद्धालु मोती डूंगरी के दर्शन करने आते है। साथ ही हर बुधवार यहां मेला भी लगता है।
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परिसर में शिव और नारायण मंदिर
इसके परिसर में भगवान शिव को समर्पित एक लिंगम मंदिर भी जो खास तौर पर महाशिवरात्रि के अवसर पर साल में एक बार श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। इसके अलावा आप यहां लक्ष्मी नारायण को समर्पित बिड़ला मंदिर भी है, जिसका दर्शन करना भी अच्छा माना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन यहां लड्ड़ुओं की प्रदर्शनी भी लगती है।
मोती डूंगरी (सौजन्य- एक्स @SHIVAanEVAN)
इस मंदिर की बनावट
इस मंदिर को स्कॉटिश महल के मॉडल पर बनाया गया है। इस मंदिर के तीन प्रवेश द्वार है और सामने सीढ़ीयां हैं। बात दें कि इस मंदिर का निर्माण चूना पत्थर और संगमरमर से मिलाकर उसका इस्तेमाल से बनाया गया है। पता है इस भव्य मंदिर का निर्माण सिर्फ 4 महीने में बनकर तैयार हो गया था।
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कैसे पहुंचे मोती डूंगरी
मोती डूंगरी मंदिर जयपुर से 6 किलोमीटर दूर है। यहां हवाई मार्ग से पहुंचने के लिए जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा निकटतम हवाई अड्डा है। तो वहीं रेलवे मार्ग की बात करें तो गांधी नगर यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन है।
