VPN पर बैन: पाकिस्तान में डिजिटल आज़ादी पर नई रोक, सरकार ने बताया ‘गैर-इस्लामिक’
VPN (Virtual Private Network) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। इसका कारण बताते हुए सरकार ने कहा कि VPN का उपयोग "गैर-इस्लामिक कंटेंट" तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
VPN in Pakistan में क्यों है बैन। (सौ. Design)
नवभारत टेक डेस्क: पाकिस्तान में एक बार फिर इंटरनेट स्वतंत्रता पर शिकंजा कस दिया गया है। नवंबर 2024 में सरकार ने VPN (Virtual Private Network) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। इसका कारण बताते हुए सरकार ने कहा कि VPN का उपयोग “गैर-इस्लामिक कंटेंट” तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है, जो “इस्लामी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों” के खिलाफ है।
क्या होता है VPN?
VPN एक डिजिटल टूल है जिससे यूजर अपनी असली लोकेशन छुपाकर इंटरनेट का इस्तेमाल किसी और देश से कर सकता है। इसका मुख्य फायदा यह है कि यदि कोई वेबसाइट या ऐप किसी देश में बैन है, तो VPN की मदद से उसे एक्सेस किया जा सकता है। पाकिस्तान में X (पूर्व ट्विटर), यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसी कई साइट्स को बैन किया जा चुका है, जिन्हें एक्सेस करने के लिए लोग VPN का सहारा ले रहे थे।
सरकार ने लगाए गंभीर आरोप
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि VPN का इस्तेमाल अश्लील सामग्री देखने, सरकार विरोधी प्रचार करने और निगरानी से बचने के लिए किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार – “VPN के ज़रिए यूजर्स अपने इंटरनेट ट्रैफिक को छुपा लेते हैं, जिससे सरकार उन्हें मॉनिटर नहीं कर पाती। इससे सोशल मीडिया पर देश विरोधी गतिविधियां फैल रही थीं।”
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धार्मिक नेताओं की भी सहमति
VPN बैन के समर्थन में कुछ धार्मिक नेताओं ने भी बयान दिए और इसे इस्लामी कानूनों के खिलाफ बताया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में VPN को बैन करने के पीछे धार्मिक दबाव भी एक अहम कारण रहा।
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क्या-क्या हुआ असर?
VPN पर पाबंदी के बाद सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स, पत्रकारों और आम लोगों पर भी निगरानी कड़ी कर दी गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी व्यक्ति VPN का इस्तेमाल करना चाहता है, उसे पहले सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना अनुमति VPN का उपयोग करने वालों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
