क्लासरूम में एआई के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका में चिंता! गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को पत्र लिखकर जवाब मांगा

American Senetors Writes Google CEO: एआई के उपयोग और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर अमेरिकी राजनेता ने गूगल को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस पर गूगल से जवाब मांगा है
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गूगल के सीईओ सुंदर पिचाईसोर्स- IANS
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Highlights

  • क्लासरूम में एआई के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका में चिंता

  • दो सीनेटर ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को पत्र लिखा

  • पत्र के माध्यम से 9 सवाल उठाए गए हैं

AI Use In Classroom: दुनिया में बढ़ते एआई के इस्तेमाल एक ओर लोगों का काम आसान कर दिया है तो वहीं दूसरी ओर परेशानी भी लेकर सामने आई है। अमेरिकी कांग्रेस के दो सीनेटरों ने गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को पत्र लिखकर क्लासरूम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के आक्रामक इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने 21 अक्टूबर 2026 को भेजे गए द्विदलीय पत्र में गूगल से जवाब मांगे हैं कि कंपनी के एआई टूल्स बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर डाल रहे हैं।

एआई को लेकर चिंता जताई

पत्र में अमेरिकी सीनेटरों ने कहा कि गूगल अपने एआई प्रोडक्ट्स (जैसे जेमिनी) को अमेरिकी स्कूलों में जबरदस्ती धकेल रहा है और इसके नतीजे बच्चों को भुगतने पड़ रहे हैं। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक जांच रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें 60 से ज्यादा शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों और विशेषज्ञों से बात की गई थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि एआई आने के बाद कई छात्रों के टेस्ट स्कोर गिर गए हैं। वे स्वतंत्र रूप से असाइनमेंट पूरा करने या आलोचनात्मक सोच विकसित करने में असमर्थ हो रहे हैं। एक उदाहरण में पेंसिल्वेनिया के एक आठवीं कक्षा के छात्र ने जेमिनी से बीजगणित का होमवर्क पूरा किया, लेकिन फाइनल परीक्षा में फेल हो गया।

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मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए

छात्र ने खुद कहा कि एआई ने उसकी सोच को धीमा कर दिया। सीनेटरों ने विशेष रूप से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या गूगल ने ऐसे मामलों की पहचान की है जहां एआई टूल्स ने नाबालिगों को नुकसानदायक व्यवहार, भावनात्मक निर्भरता या आत्महत्या/सेल्फ-हार्म के संकेतों को नजरअंदाज करने के लिए प्रेरित किया हो। मैरीलैंड के एक किशोर का मामला भी सामने आया है, जो गूगल के एआई चैटबॉट पर अत्यधिक निर्भर हो गया और अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

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पत्र में नौ सवाल पूछे गए हैं

पत्र में नौ सवाल पूछे गए हैं। इनमें गूगल द्वारा बच्चों पर एआई के प्रभाव को लेकर किए गए रिसर्च, स्कूलों में एआई फीचर्स को डिफॉल्ट बनाने का कारण, प्रमोशनल कार्यक्रमों पर खर्च, सुरक्षा उपाय और शिक्षकों-अभिभावकों की शिकायतों का जिक्र है। सीनेटरों ने 2 नवंबर 2026 तक जवाब देने की समय सीमा तय की है।

गूगल अमेरिकी स्कूलों में क्रोमबुक और गूगल क्लासरूम जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए काफी मजबूत उपस्थिति रखता है। सीनेटरों का कहना है कि सोशल मीडिया की गलतियों को दोहराया नहीं जाना चाहिए, जहां मुनाफे को बच्चों के हित से ऊपर रखा गया। यह पत्र एआई के शैक्षिक उपयोग को लेकर चल रही व्यापक बहस को और तेज करता है। गूगल की तरफ से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।