VPN (Source. Freepik)
Disadvantages of Free VPN: आज के डिजिटल दौर में हर कोई अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी को लेकर सतर्क है। ऐसे में VPN को सबसे आसान और भरोसेमंद उपाय माना जाता है। सिर्फ एक टैप में VPN आपका IP एड्रेस बदल देता है, इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट कर देता है और आपकी ब्राउजिंग एक्टिविटी को छिपाने में मदद करता है। यहां तक कि आपका इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर भी साफ-साफ नहीं देख पाता कि आप क्या कर रहे हैं।
लेकिन क्या सिर्फ VPN ऑन कर लेना ही पूरी सुरक्षा की गारंटी है? बिल्कुल नहीं। अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए, तो फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। आइए जानते हैं वे आम गलतियां, जिनसे आपको बचना चाहिए।
ज्यादातर लोग पैसे बचाने के लिए फ्री VPN का इस्तेमाल करते हैं। ये सेवाएं “फुल प्रोटेक्शन” का दावा तो करती हैं, लेकिन असलियत अलग हो सकती है। VPN चलाने के लिए सर्वर, बैंडविड्थ और टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है, जिसका खर्च होता है। अगर कोई कंपनी आपसे पैसा नहीं ले रही, तो संभव है कि वह आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री रिकॉर्ड कर रही हो, आपको लगातार विज्ञापन दिखा रही हो या आपका डेटा थर्ड पार्टी को बेच रही हो। ऐसे में आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है।
VPN आपके IP एड्रेस को छिपाता है और डेटा एन्क्रिप्ट करता है, लेकिन यह आपको इंटरनेट पर अदृश्य नहीं बनाता। वेबसाइट्स कूकीज के जरिए आपकी गतिविधियों को ट्रैक कर सकती हैं। अगर आप किसी अकाउंट से लॉग-इन हैं, तो उस अकाउंट की एक्टिविटी छिप नहीं सकती। इसलिए यह मान लेना कि VPN आपको पूरी तरह गुमनाम बना देगा, एक बड़ी भूल है।
कई VPN ऐप्स आपको ऑटोमैटिकली सबसे नजदीकी या तेज सर्वर से जोड़ देते हैं। लेकिन यह हर बार सही विकल्प नहीं होता। कभी-कभी नजदीकी सर्वर ओवरलोडेड होता है, जिससे स्पीड कम हो सकती है। वहीं, अगर आपको किसी खास देश का कंटेंट देखना है, तो उस देश के सर्वर से कनेक्ट होना जरूरी है। इसलिए सर्वर चुनते समय जरूरत के अनुसार फैसला लें।
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कुछ लोग VPN को हमेशा ऑन रखते हैं, तो कुछ जरूरत पड़ने पर ही चालू करते हैं। दोनों आदतें सही नहीं हैं। अगर आप घर के सुरक्षित नेटवर्क पर बैंकिंग या अन्य जरूरी काम कर रहे हैं, तो VPN ऑफ रखना बेहतर हो सकता है, ताकि स्पीड प्रभावित न हो। लेकिन पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय VPN जरूर ऑन रखें, क्योंकि वहां डेटा चोरी का खतरा ज्यादा होता है।
VPN एक उपयोगी टूल है, लेकिन आंख मूंदकर भरोसा करना सही नहीं। सही सर्विस चुनें, जरूरत के हिसाब से सेटिंग बदलें और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहें। तभी आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी सच में सुरक्षित रह पाएगी।