NEET री-एग्जाम से पहले Telegram बैन, भड़के CEO Pavel Durov बोले – 15 करोड़ यूजर्स को मिल रही सजा
NEET Re-Exam: NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन होने से ठीक पहले भारत सरकार द्वारा Telegram पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। जिसपर अब CEO Pavel Durov ने भी बयान दिया है।
- Written By: सिमरन सिंह
CEO Pavel Durov (Source. Navbharat Desk)
Pavel Durov Statement On NEET Re-Exam: NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन होने से ठीक पहले भारत सरकार द्वारा Telegram पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इसमें एक तरफ तो राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का कदम है, जिसको परीक्षा की निष्पक्षता के लिए बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर Telegram के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने इस फैसले की खुलकर आलोचना भी की है।
जानकारी के लिए बता दें कि 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन से पहले चीटिंग, अफवाहों और फर्जी सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 16 जून को Telegram पर 22 जून 2026 तक के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया। इस फैसले को परीक्षा और उसके तुरंत बाद के संवेदनशील समय को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सरकार ने क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?
सरकार के लिए कदम को लेकर NTA ने बताया है कि हाल के दिनों में Telegram पर परीक्षा से जुड़े कई भ्रामक संदेश और फर्जी दावे तेजी से वायरल हो रहे थे। जिससे लाखों उम्मीदवारों में भ्रम और मानसिक तनाव जैसी स्थिति पैदा हो रही थी। ऐसे में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने PTI से बातचीत में कहा, “हम किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देंगे। हम ये पक्का करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे कि परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित हो।” अपनी बातों में उन्होंने यह भी साफ किया की यह कार्रवाई किसी नए पेपर लीक की वजह से नहीं की गई है बल्कि गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए की जा रही है।
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India’s IT ministry banned Telegram for one week because some users shared leaked exam questions. This punishes 150M+ ordinary Telegram users in India — not the insiders who leaked the exam materials. And the ban hasn’t stopped anything. The leaks just moved to other apps. https://t.co/CzQWN4mXfb — Pavel Durov (@durov) June 16, 2026
Pavel Durov ने जताई नाराजगी
वहीं अब देखा जा रहा है कि सरकारी फैसले के बाद Telegram के CEO Pavel Durov ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया को सबके साथ शेयर किया है। अपनी बात को सामने रखते हुए उन्होंने लिखा, “भारत के IT मंत्रालय ने एक हफ़्ते के लिए टेलीग्राम पर बैन लगा दिया क्योंकि कुछ यूजर्स ने परीक्षा के लीक हुए सवाल शेयर किए थे। इससे भारत में टेलीग्राम के 15 करोड़ से ज्यादा आम यूजर्स को सजा मिल रही है न कि उन लोगों को जिन्होंने परीक्षा का मटीरियल लीक किया था। और इस बैन से कुछ भी नहीं रुका। लीक्स दूसरे एप्स पर चली गईं।” उनकी इस बात से तो साफ है कि एक गलती की वजह से पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना बाकी आम यूजर्स के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
Play Store से भी हटाया गया ऐप
जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी आदेश के आने से Google ने Telegram को अपने Play Store से हटा दिया है। वहीं रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि Apple भी जल्द ही इसी तरह का कदम उठा सकता है। वहीं अब पूरे मामले को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला अब डिजिटल स्वतंत्रता और परीक्षा सुरक्षा के बीच संतुलन की बहस को और तेज कर सकता है। फिलहाल सभी की नजर 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम पर टिकी हुई है।
