Social Media (Source. Freepik)
Social Media Content Control: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते गलत और खतरनाक कंटेंट को लेकर अब सरकारें सख्त रुख अपनाने लगी हैं। इसी कड़ी में इंडोनेशिया के संचार मंत्रालय ने टेक दिग्गज मेटा प्लेटफॉर्म्स को कड़ी चेतावनी जारी की है। मंत्रालय का आरोप है कि Facebook, Instagram और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर हानिकारक और भ्रामक कंटेंट तेजी से फैल रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सरकार की चिंता खासतौर पर ऑनलाइन जुआ, फर्जी खबरों और भ्रामक जानकारी को लेकर है। मंत्रालय के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर रिपोर्ट किए गए मामलों में से सिर्फ 28.47 फीसदी मामलों पर ही कार्रवाई की गई है, जो बेहद कम मानी जा रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह चेतावनी उस समय सामने आई जब कम्युनिकेशन और डिजिटल मामलों की मंत्री Meutya Hafid ने अचानक जकार्ता स्थित मेटा के ऑपरेशनल ऑफिस का दौरा किया। इस निरीक्षण के बाद सरकार ने कंपनी के कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए।
मंत्री Meutya Hafid ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी, बदनामी और नफरत फैलाने वाला कंटेंट लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा, “इंडोनेशिया में गलत जानकारी, बदनामी और नफरत फैलाने वाले कंटेंट से जान का खतरा है, फिर भी मेटा ने उन्हें बने रहने दिया है” सरकार का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे कंटेंट पर सख्ती नहीं की गई तो इसका असर समाज और युवाओं पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
संचार मंत्रालय ने मेटा से साफ कहा है कि वह अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत बनाए और अवैध या नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया तेज करे। दरअसल, पिछले साल भी इंडोनेशिया सरकार ने मेटा समेत अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को चेतावनी देते हुए कंटेंट मॉनिटरिंग को सख्त करने के निर्देश दिए थे।
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इंडोनेशिया सरकार अब सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर उम्र की सीमा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त कदम उठा रही है। इसके लिए Government Regulation Number 17 of 2025 (PP TUNAS) लागू किया गया है। यह नया नियम सोशल मीडिया सेवाओं पर उम्र की पाबंदी और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान लागू करेगा। यह कानून देश के Personal Data Protection Law को भी और मजबूत बनाता है।
राष्ट्रपति Prabowo Subianto ने 28 मार्च 2025 को इस नियम पर हस्ताक्षर किए थे और यह 1 अप्रैल 2025 से लागू हो चुका है। हालांकि डिजिटल सेवाओं को इसे पूरी तरह लागू करने के लिए एक साल का ट्रांजिशन पीरियड दिया गया है।