UAN नंबर के बिना 1 मिनट में PF बैलेंस ऐसे चेक करें (सोर्स-सोशल मीडिया)
PF Withdrawal Rules: नौकरी करने वाले लाखों लोगों के लिए Employees Provident Fund Organisation यानी कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एक बेहद महत्वपूर्ण बचत योजना है। इसे आमतौर पर पीएफ (भविष्य निधि) कहा जाता है। यह एक अनिवार्य बचत और रिटायरमेंट फंड है, जिसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों हर महीने योगदान करते हैं ताकि भविष्य में आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।
EPF नियमों के अनुसार कर्मचारी को अपने मूल वेतन का 12% हर महीने इस फंड में जमा करना होता है। नियोक्ता भी उतनी ही राशि कर्मचारी के EPF खाते में जमा करता है। इस जमा रकम पर हर साल ब्याज भी मिलता है, जिससे यह एक मजबूत रिटायरमेंट फंड बन जाता है।
EPF की पूरी राशि केवल दो परिस्थितियों में निकाली जा सकती है।
अगर कोई व्यक्ति नौकरी बदलता है और बीच में दो महीने से कम का गैप होता है, तो वह पूरा EPF बैलेंस नहीं निकाल सकता।
EPF खाते से कुछ खास परिस्थितियों में आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है। इसके लिए कुछ शर्तें और दस्तावेज जरूरी होते हैं।
कर्मचारी खुद, जीवनसाथी, बच्चों या माता-पिता के इलाज के लिए PF से पैसा निकाल सकता है।
खाते में जमा कर्मचारी के हिस्से का 50% तक पैसा शादी या पढ़ाई के लिए निकाला जा सकता है। इसके लिए कम से कम 7 साल की नौकरी जरूरी होती है।
जमीन खरीदने या घर बनाने के लिए भी PF से पैसा निकाला जा सकता है। इसके लिए कर्मचारी को कम से कम 5 साल की सेवा पूरी करनी होती है।
यदि कर्मचारी ने घर के लिए लोन लिया है, तो 10 साल की नौकरी के बाद PF से लोन चुकाने के लिए भी राशि निकाली जा सकती है।
रिटायरमेंट से एक साल पहले और 54 साल की उम्र के बाद कर्मचारी अपने EPF बैलेंस का 90% तक पैसा निकाल सकता है।
EPF से जुड़े सभी कर्मचारियों के लिए UAN (Universal Account Number) अनिवार्य कर दिया गया है। यह नंबर कर्मचारी के पूरे करियर के दौरान वही रहता है। नौकरी बदलने पर भी PF ट्रांसफर करना आसान हो जाता है।
EPF निकासी दो तरीकों से की जा सकती है:
EPFO पोर्टल पर लॉगिन करके कर्मचारी आसानी से PF निकासी के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए UAN सक्रिय होना चाहिए और आधार, पैन व बैंक डिटेल्स KYC से लिंक होना जरूरी है।
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कर्मचारी EPF के विभिन्न फॉर्म जैसे फॉर्म 19, फॉर्म 31 और फॉर्म 10C भरकर संबंधित EPFO कार्यालय में जमा करके भी पैसा निकाल सकता है।
ऑनलाइन आवेदन के बाद आमतौर पर 15 से 20 दिनों के भीतर PF की राशि सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।