इंटरव्यू में AI डीपफेक से बचने के लिए पहनेंगे मिरर मास्क? वायरल ट्रेंड ने खड़ा किया बड़ा सवाल

Online Job Interview: ऑनलाइन जॉब इंटरव्यू अब सिर्फ उम्मीदवार की काबिलियत जांचने तक सीमित नहीं रह गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच कंपनियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।
people wear mirror masks to avoid AI deepfakes and ai cheating during interviews srs13
Mirror Mask से कैसे रोक रही इंटरव्यू में चीटिंग।Source. Social Media
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Online Interview Fraud: ऑनलाइन जॉब इंटरव्यू अब सिर्फ उम्मीदवार की काबिलियत जांचने तक सीमित नहीं रह गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच कंपनियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है जिसमें यह पता करना कि वीडियो कॉल के दूसरी तरफ बैठा शख्स वास्तव में वही उम्मीदवार है या नहीं जो सच में इंटरव्यू देने आने वाला था? इसी चिंता के बीच सोशल मीडिया पर Mirror Mask नाम का एक अनोखा कॉन्सेप्ट वायरल हो रहा है।

वहीं वायरल हो रहे आइडिया में सुझाव दिया जा रहा है कि रिमोट इंटरव्यू देने वाले उम्मीदवार चेहरे के सामने ऐसा रिफ्लेक्टिव यानी शीशे जैसा मास्क पहनें जिससे AI आधारित फेस-स्वैपिंग, डीपफेक तकनीक को लाइव वीडियो में नकली चेहरा लगाने में परेशानी हो और AI का इस्तेमाल कर के जवाब देने वाले लोगों को भा पकड़ा जा सकें। लेकिन यह अभी किसी इंडस्ट्री का मानक तरीका नहीं है और इसे एक प्रयोगात्मक इंटरनेट ट्रेंड ही माना जा रहा है।

AI डीपफेक ने बढ़ाई ऑनलाइन इंटरव्यू की चिंता

Mirror Mask के बारे में बताए तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह AI Deepfakes और AI का इस्तेमाल कर के जवाब देना हैं। साथ ही रिपोर्ट किए गए मामलों में स्कैमर्स और अयोग्य उम्मीदवारों द्वारा रियल-टाइम AI फेस स्वैपिंग और वॉयस क्लोनिंग का इस्तेमाल कर लाइव वीडियो इंटरव्यू में किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान अपनाने की कोशिश भी कि जाती है। यही वजह है कि यह वायरल आइडिया भले ही व्यावहारिक समाधान साबित न हुआ हो लेकिन यह रिमोट हायरिंग से जुड़े एक गंभीर Trust Crisis की ओर जरूर इशारा करता है। ऐसे में माना जा रहा है कि कंपनियों के लिए अब यह पता लगाना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है कि कैमरे के सामने वास्तव में कौन बैठा है। साथ ही कि कही कोई उम्मीदवार AI का इस्तेमाल करके जवाब तो नहीं दे रहा।

क्या रिफ्लेक्टिव मास्क AI को रोक सकता है?

Mirror Mask का सिद्धांत यह है कि रिफ्लेक्टिव या फिजिकल मास्क कंप्यूटर विजन सिस्टम को भ्रमित कर सकता है। AI को चेहरे की पहचान और उस पर डिजिटल चेहरा प्रोजेक्ट करने के लिए लाइव वीडियो में चेहरे के पैटर्न और फीचर्स को ट्रैक करना पड़ता है। ऐसे में कोई भौतिक बाधा इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही उम्मीदवार के सामने क्या हो रहा है वो भी दिखेगा, जिसमें उसके किसी दूसरे फोन को इस्तेमाल करने की बात भी पता चल सकती है। लेकिन इसे प्रमाणित सुरक्षा तकनीक नहीं माना जा सकता। जिसका सीधा मतलब है कि इंटरव्यू के दौरान शीशे वाला मास्क पहनना किसी उम्मीदवार या कंपनी के लिए भरोसेमंद सुरक्षा उपाय नहीं है।

कंपनियां कैसे रोक रही हैं AI इंटरव्यू चीटिंग?

देखा जा रहा है कि मॉडर्न हायरिंग टीमें ऐसे वायरल प्रयोगों के बजाय कई व्यावहारिक तरीकों पर भरोसा कर रही हैं। इनमें Unscripted Deep Dives शामिल हैं जहां उम्मीदवार से उसके पुराने प्रोजेक्ट्स पर बेहद खास और अचानक फॉलो-अप सवाल पूछे जाते हैं। इसके अलावा Secondary Camera Feeds के जरिए उम्मीदवार के वर्कस्पेस का दूसरा एंगल देखा जा सकता है जिससे छिपे हुए डिवाइस या किसी बाहरी मदद का पता लगाने में मदद मिलती है।

वहीं Advanced Screening Platforms जैसे Talview Interview Proctoring का इस्तेमाल डिवाइस-लेवल असामान्य गतिविधियों, ऑटोमेटेड ओवरले और संभावित डिजिटल हेरफेर को पहचानने के लिए किया जा सकता है। ऐसे में बताया जा रहा है कि Mirror Mask भले ही अभी सोशल मीडिया का एक प्रयोगात्मक विचार हो लेकिन इसने भविष्य की ऑनलाइन हायरिंग को लेकर एक अहम सवाल जरूर खड़ा कर दिया है जब AI नकली चेहरा और आवाज दोनों बना सकता है तो असली उम्मीदवार की पहचान कैसे सुनिश्चित होगी?

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