

Highlight:
Orkut को लेकर सोसल मीडिया पर चर्चा तेजी से आगे बढ़ रही है।
2004 में Orkut लॉन्च किया गया था।
Orkut के संस्थापक ने नया अभियन शुरू किया है।
Orkut Comeback: क्या आपने Orkut सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बारे में सुना है। यह उस दौर का ऐप है जब सोशल मीडिया पर दोस्तों की प्रोफाइल देखना उनके लिए स्क्रैप लिखना और अपनी पसंद की कम्युनिटी से जुड़ना इंटरनेट का खास अनुभव हुआ करता था। लेकिन अब करीब 12 साल बाद Orkut एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि इसके संस्थापक Orkut Büyükkökten ने लोगों से एक नए सोशल नेटवर्क की पहल के लिए समर्थन मांगा है। उनका मकसद ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करना है जहां लाइक, व्यूज और एल्गोरिदम से ज्यादा अहमियत इंसानी रिश्तों और असली बातचीत को दी जाए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पुरानी Orkut वेबसाइट दोबारा शुरू हो गई है।
Orkut के संस्थापक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक अभियान शुरू किया है जिसके जरिए लोगों से पूछा जा रहा है कि क्या वे दोस्ती और कम्युनिटी पर केंद्रित नए सोशल नेटवर्क का समर्थन करेंगे। जिसमें इच्छुक लोग इसमें अपनी सहमति दर्ज करा सकते हैं और सपोर्टर कार्ड भी प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन अभी नए प्लेटफॉर्म की लॉन्च डेट, फीचर्स या उपलब्धता की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसमें समर्थन दर्ज कराने का मतलब यह भी नहीं है कि पुराने अकाउंट वापस मिल जाएंगे या किसी यूजर का पुराना यूजरनेम सुरक्षित हो गया है। फिलहाल इसे नए सोशल नेटवर्क के विचार के लिए समर्थन जुटाने की पहल के तौर पर देखना चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें कि Orkut की शुरुआत जनवरी 2004 में हुई थी। इसे Google के सॉफ्टवेयर इंजीनियर Orkut Büyükkökten ने बनाया था। उनके नाम पर ही इस सोशल नेटवर्क का नाम रखा गया। उस समय यह भारत और ब्राजील में खासा लोकप्रिय ऐप हुआ था। वहीं Orkut की पहचान इसके स्क्रैपबुक फीचर और ऑनलाइन कम्युनिटी से थी। जिसमें यूजर्स एक-दूसरे की प्रोफाइल पर सार्वजनिक संदेश छोड़ सकते थे दोस्तों के लिए टेस्टिमोनियल लिख सकते थे और फिल्मों, संगीत, कॉलेज या शहरों से जुड़ी कम्युनिटी में बातचीत कर सकते थे।
लेकिन समय के साथ Facebook जैसे दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकप्रिय होने लगें। जिसके बाद Google ने सितंबर 2014 में Orkut को बंद कर दिया। वहीं अब संस्थापक का नया प्रयास उसी पुराने अनुभव को आज के इंटरनेट की जरूरतों के हिसाब से फिर से परिभाषित करने की कोशिश कर रहा है।
आज सोशल मीडिया पर AI से तैयार पोस्ट, नकली प्रोफाइल, बॉट्स और फर्जी तस्वीरों या वीडियो को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। Orkut के संस्थापक का मानना है कि सोशल नेटवर्किंग का मूल उद्देश्य लोगों को जोड़ना था लेकिन कई प्लेटफॉर्म पर यूजर्स का ध्यान ज्यादा देर तक बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। उनकी सोच AI के पूरी तरह खिलाफ होने की नहीं बल्कि इसका इस्तेमाल लोगों को पुराने दोस्तों से जोड़ने, नए रिश्ते बनाने और पसंदीदा कम्युनिटी खोजने में मदद के लिए करने की है। जिसका सीधा मतलब है कि तकनीक इंसानी संपर्क को मजबूत करे उसकी जगह न ले।
Orkut की वेबसाइट पर चल रहे अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स बताती है कि 115 देशों के 2.6 लाख से ज्यादा लोगों ने अपना समर्थन दर्ज कराया था। यह आंकड़ा पुराने यूजर्स की दिलचस्पी और सोशल मीडिया के एक अलग अनुभव की मांग को दिखाता है।
लेकिन केवल समर्थन मिलने से यह तय नहीं होता कि नया प्लेटफॉर्म सफल होगा। उसे यूजर्स की प्राइवेसी, फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन सुरक्षा और कंटेंट मॉडरेशन जैसी चुनौतियों का भी समाधान करना होगा। अभी के लिए Orkut की वापसी को पुराने प्लेटफॉर्म की री-लॉन्चिंग समझना सही नहीं होगा। संस्थापक एक नए सोशल नेटवर्क के लिए लोगों की रुचि जान रहे हैं। अब देखना होगा कि यह पहल कब किसी वास्तविक प्लेटफॉर्म का रूप लेती है।