NVIDIA CEO की बड़ी भविष्यवाणी, कहा बन सकती है 1000 अरब डॉलर की दिग्गज, भारत को भी होगा बड़ा फायदा
AI Infrastructure: AI की दौड़ में अब सिर्फ चिप्स ही नहीं बल्कि डेटा को तेज़ी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाली टेक्नोलॉजी भी गेम-चेंजर बनने जा रही है। जिसमें NVIDIA के CEO ने बड़ा बयान दिया है।
- Written By: सिमरन सिंह
एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग, (फाइल फोटो)
Data Center Technology: AI की दौड़ में अब सिर्फ चिप्स ही नहीं बल्कि डेटा को तेज़ी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाली टेक्नोलॉजी भी गेम-चेंजर बनने जा रही है। जिसको देखते हुए NVIDIA के CEO जेंसन हुआंग का एक बयान पूरी टेक इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि ताइवान में आयोजित Computex 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि मार्वेल टेक्नोलॉजी भविष्य में 1000 अरब डॉलर की वैल्यू वाली कंपनी बन सकती है। वहीं इस यह बयान के सामने आने के बाद से दुनिया भर में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है और कंपनियां अगली तकनीकी क्रांति की तैयारी में जुटी हैं।
AI की असली ताकत सिर्फ चिप्स नहीं
Computex 2026 के मंच पर मार्वेल के CEO मैट मर्फी के साथ बातचीत करते हुए जेंसन हुआंग ने कहा कि आने वाले सालो में AI मॉडल पहले से कहीं बड़े और ज्यादा जटिल हो जाएगा। जिसके लिए केवल शक्तिशाली प्रोसेसर पर्याप्त नहीं होंगे लेकिन इसको डेटा सेंटरों के बीच हाई-स्पीड और भरोसेमंद कनेक्टिविटी की भी जरूरत पड़ेगी। इस बात को लेकर उनका मानना है कि AI के विस्तार के साथ इंटरकनेक्ट और नेटवर्किंग टेक्नोलॉजी की मांग तेजी से बढ़ेगी और यही क्षेत्र मार्वेल को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में शामिल करता है।
एक बयान और शेयरों में जबरदस्त उछाल
जेंसन हुआंग ने मंच से मार्वेल को संभावित अगली हजार अरब डॉलर की कंपनी बताया। जिसको सुनने के बाद निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के शेयरों में 30 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को भी मिली है। वहीं AI सेक्टर में NVIDIA की मजबूत साख को देखते हुए निवेशक हुआंग की भविष्यवाणियों को गंभीरता से लेते हैं। यही वजह है कि उनके बयान का असर बाजार पर तुरंत देखने को मिल रहा है।
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ऑप्टिकल नेटवर्क होगा भविष्य
मार्वेल के CEO मैट मर्फी ने बताया कि पारंपरिक तांबा आधारित नेटवर्किंग अब अपनी तकनीकी सीमाओं तक पहुंच चुकी है। जिसमें बढ़ती डेटा स्पीड के कारण सिग्नल लॉस, अधिक बिजली खपत और गर्मी जैसी समस्याएं पैदा हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में डेटा सेंटरों के भीतर भी ऑप्टिकल कनेक्टिविटी का इस्तेमाल और बढ़ जाएगा। जिसमें यह तकनीक तेज़, ऊर्जा-कुशल और बड़े AI वर्कलोड संभालने में सक्षम होगी।
भारत को क्या होगा फायदा?
मार्वेल ने कैलिफोर्निया के बाहर अपना सबसे बड़ा रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भारत में स्थापित किया है। इसका सीधा फायदा भारतीय इंजीनियरों, AI रिसर्चर्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिल सकता है। जिसको लेकर विशेषज्ञ मानते है कि यदि AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर इंडस्ट्री इसी गति से बढ़ती रही तो भारत में हजारों नई हाई-स्किल नौकरियां पैदा हो सकती हैं। साथ ही देश वैश्विक AI सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन सकता है। जो भारत को केवल टेक्नोलॉजी उपभोक्ता नहीं बल्कि AI और सेमीकंडक्टर इनोवेशन का वैश्विक हब बनने का काम करेगा।
Nvidia अपने भारतीय यूजर्स के लिए हिंदी AI को लेकर आया है। (सौ. Nvidia)
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AI की अगली जंग नेटवर्किंग सेक्टर में
देखा जा रहा था कि अब तक AI की चर्चा मुख्य रूप से चिप्स और बड़े भाषा मॉडल्स तक सीमित थी लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि अगले दशक की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा नेटवर्किंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में होगी। ऐसे में मार्वेल जैसी कंपनियां निवेशकों और टेक कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती जा रही हैं।
