Air Ambulance (Source. Freepik)
Air Ambulance Booking: रांची से दिल्ली इलाज के लिए जा रहे एयर एंबुलेंस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आपात स्थिति में मरीज को सुरक्षित और तेजी से दूसरे शहर कैसे पहुंचाया जाए। जब सड़क मार्ग या ट्रेन से समय पर इलाज संभव न हो, तब Air Ambulance ही आखिरी उम्मीद बनती है। लेकिन ऐसे संकट में इसे बुक कैसे किया जाए? कितना खर्च आता है? आइए आसान भाषा में पूरा प्रोसेस समझते हैं।
जब मरीज की हालत गंभीर हो, ICU सपोर्ट की जरूरत हो या दूर-दराज के इलाके से बड़े शहर में शिफ्ट करना हो, तब एयर एंबुलेंस सबसे तेज और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। हार्ट अटैक, स्ट्रोक, एक्सीडेंट, नवजात शिशु की गंभीर स्थिति या वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत वाले मामलों में यह सेवा जीवन रक्षक साबित हो सकती है।
आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत अधिकृत सेवा प्रदाता से संपर्क करना जरूरी है। उदाहरण के तौर पर Air Rescuers जैसी कंपनियां 24×7 सेवा देती हैं।
हेल्पलाइन नंबर, आधिकारिक वेबसाइट या ईमेल के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। इमरजेंसी में फोन कॉल सबसे तेज विकल्प है।
मरीज की वर्तमान हालत (क्रिटिकल, स्टेबल, ICU डिपेंडेंट), पिकअप लोकेशन, गंतव्य शहर और जरूरी मेडिकल उपकरण (वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, मॉनिटर) की जानकारी साझा करनी होती है।
खर्च दूरी, विमान के प्रकार (हेलीकॉप्टर या चार्टर प्लेन), मेडिकल टीम और उपकरण पर निर्भर करता है।
ये भी पढ़े: सावधान! अब कैमरा करेगा फैसला, ट्रैफिक नियम तोड़ा तो सीधा घर पहुंचेगा चालान, लाइसेंस भी हो सकता है रद्द
भुगतान और जरूरी अनुमति पूरी होने के बाद फ्लाइट की व्यवस्था, ग्राउंड एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती की जाती है।
आपात स्थिति में समय ही जीवन होता है। इसलिए परिवार को पहले से यह जानकारी होना जरूरी है कि एयर एंबुलेंस कैसे बुक की जाती है और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। सही निर्णय और त्वरित कार्रवाई मरीज की जान बचा सकती है।