NASA का यान हुआ बृहस्पति के चंद्रमा की ओर रवाना, करोड़ों KM की दूरी करेगी तय
नासा द्वारा साझा की गई जानकारी में बताया गया है कि 'यूरोपा क्लिपर' को बृहस्पति तक पहुंचने में साढ़े पांच वर्ष तक का समय लगेगा। यह अंतरिक्ष यान गैस के इस विशाल ग्रह के चारों ओर की कक्षा में प्रवेश करेगा और दर्जनों विकिरण-युक्त किरणों से गुजरता हुआ यूरोपा के करीब पहुंचेगा।
- Written By: सिमरन सिंह
NASA का यान हुआ बृहस्पति के चंद्रमा की ओर रवाना, करोड़ों KM की दूरी करेगी तय (सौ. X)
नवभारत डिजिटल डेस्क. नासा का अंतरिक्ष यान बृहस्पति के चंद्रमा ‘यूरोपा’ के लिए रवाना केप केनवरल, 14 अक्टूबर (एपी) बृहस्पति गृह के चंद्रमा यूरोपा पर छिपे विशाल महासागर में जीवन के लिए उपयुक्त हालात को तलाशने को लेकर नासा ने सोमवार को एक अंतरिक्ष यान रवाना किया। जिसको लेकर कई तरह की जानकारी साझा की गई है।
पहुंचने में लगेगा साढ़े पांच साल का समय
नासा द्वारा साझा की गई जानकारी में बताया गया है कि ‘यूरोपा क्लिपर’ को बृहस्पति तक पहुंचने में साढ़े पांच वर्ष तक का समय लगेगा। यह अंतरिक्ष यान गैस के इस विशाल ग्रह के चारों ओर की कक्षा में प्रवेश करेगा और दर्जनों विकिरण-युक्त किरणों से गुजरता हुआ यूरोपा के करीब पहुंचेगा। इसी के साथ वैज्ञानिकों को यकीन है कि यूरोपा की बर्फीली परत के नीचे एक गहरा वैश्विक महासागर मौजूद है, जहां पानी और जीवन हो सकता है। SpaceX ने यान को रवाना किया, जो 18 लाख मील की यात्रा तय करेगा। इस यान को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षिप्त किया गया है।
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करोड़ों KM का होगा सफर
यूरोपा क्लिपर के बारे में बताए तो यह एक रोबोटिक सोलर पावर्ड यान है। जो कि बृहस्पति ग्रह की कक्षा यानी ऑर्बिट में लगभग 2030 तक प्रवेश कर लेगा। जिसकी कुल यात्रा 290 करोड़ किलोमीटर की होने वाली है। जिसको पार करने में कम से कम साढ़े पांच साल का समय लगेगा। जानकारी के मुताबिक बृहस्पति ग्रह की ऑर्बिट में पहुंचने के बाद नासा का यान तीन साल तक यूरोपा चंद्रमा के नजदीक रहने वाला है।
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कैसा है यूरोपा क्लिपर यान?
यूरोपा क्लिपर स्पेसक्राफ्ट के बारे में बताए तो नासा ने इस यान को बड़े आकार का बनाया है। जो 100 फीट लंबा है और सोलर पैनल और एंटीना खुलने के बाद इसकी चौड़ाई 58 फीट तक की हो जाती है। आखिर में वजन पर ध्यान दें तो यह 6000 किलोग्राम तक का होने वाला है।
