Ashwini Vaishnaw (Source. X)
AI Investment For Future India: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया के तीखे सवालों का खुलकर जवाब दिया। नौकरी की सुरक्षा से लेकर 200 अरब डॉलर के निवेश, ‘Sovereign AI’ और डीपफेक नियमों तक मंत्री ने सरकार की रणनीति स्पष्ट कर दी। आइए जानते हैं, किन सवालों पर क्या बोले मंत्री।
जब पूछा गया कि क्या AI भारतीय IT कंपनियों की वैल्यू घटा देगा, तो मंत्री ने भरोसा दिलाया कि IT सेक्टर भारत की बड़ी ताकत है। सरकार तीन स्तर पर काम कर रही है मौजूदा कर्मचारियों की reskilling, नई प्रतिभा तैयार करना और भविष्य की पीढ़ी के लिए पाठ्यक्रम अपडेट करना। 100 से अधिक कॉलेज पहले ही इंडस्ट्री के साथ मिलकर बदलाव कर रहे हैं।
रोजगार घटने के सवाल पर उन्होंने AI को “पांचवीं औद्योगिक क्रांति” बताया और कहा कि 2.5 लाख छात्र AI का सकारात्मक उपयोग करने का संकल्प ले चुके हैं। लक्ष्य है तकनीक को लोकतांत्रिक बनाकर युवाओं के लिए अवसर पैदा करना।
मंत्री के अनुसार, अगले दो वर्षों में 200 अरब डॉलर का निवेश AI की पांच परतों इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, डीप टेक स्टार्टअप, बड़े एप्लिकेशन और रिसर्च में होगा।
17 अरब डॉलर पहले ही डीप टेक और AI एप्लिकेशन के लिए प्रतिबद्ध हो चुके हैं। यह आंकड़ा पहले घोषित 90 अरब डॉलर को शामिल करता है और अंतिम निवेश इससे भी ज्यादा होने की उम्मीद है। AI मिशन 2.0 के तहत अगले छह महीनों में 20,000 नए GPU जोड़े जाएंगे, जिससे कुल संख्या 58,000 हो जाएगी।
मंत्री ने साफ कहा कि Sovereign AI का मतलब है भारत अपने डेटा और तकनीकी जरूरतों के लिए किसी बाहरी देश पर निर्भर न रहे। देश का डिजिटल भविष्य और डेटा देश के भीतर सुरक्षित रहे।
भारत “Global AI Commons” के तहत दुनिया को “trusted solutions” देगा, ठीक UPI मॉडल की तरह, जिसे अन्य देश बिना रॉयल्टी अपना सकें।
डीपफेक पर मंत्री ने कड़े नियमों की जरूरत मानी और कहा कि बच्चों और समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। आयु-आधारित कंटेंट नियमों पर इंडस्ट्री से चर्चा जारी है।
साथ ही, AI ट्रेनिंग में उपयोग होने वाले कंटेंट के लिए न्यूज क्रिएटर्स को उचित पारिश्रमिक दिलाने पर भी सरकार काम कर रही है।
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डेटा सेंटर की बिजली जरूरत पर मंत्री ने बताया कि भारत की 51% बिजली क्लीन एनर्जी से आती है। AI की बिजली खपत 35% तक घटाने वाली स्टार्टअप तकनीकों और माइक्रो न्यूक्लियर प्लांट पर भी विचार हो रहा है।
Semicon 2.0 के तहत चिप डिजाइन और मेमोरी चिप उत्पादन पर जोर दिया जाएगा।
अश्विनी वैष्णव के जवाबों से साफ है कि सरकार AI को नौकरी छीनने वाली नहीं, बल्कि अवसर देने वाली तकनीक के रूप में देख रही है। लक्ष्य है आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समावेशी डिजिटल भारत।