अब वेबसाइट चलाने की झंझट खत्म, Chrome खुद भरेगा फॉर्म, खुद करेगा टिकट बुक, जानिए कैसे बदलेगा आपका इंटरनेट
Auto Browse: किसी वेबसाइट पर टिकट बुक करने जाएं, फॉर्म भरना पड़े, सीट चुननी हो या पेमेंट करना हो और ये सब काम आपको खुद न करना पड़े। आने वाले समय में Google Chrome ठीक यही करने वाला है।
- Written By: सिमरन सिंह
Chrome (Source. Freepik)
Chrome New Feature: सोचिए, जब भी आप किसी वेबसाइट पर टिकट बुक करने जाएं, फॉर्म भरना पड़े, सीट चुननी हो या पेमेंट करना हो और ये सब काम आपको खुद न करना पड़े। आने वाले समय में Google Chrome ठीक यही करने वाला है। Google एक ऐसा नया फीचर ला रहा है, जिसमें Chrome ब्राउज़र खुद आपकी मदद से नहीं, बल्कि आपकी जगह काम करेगा।
वेब ब्राउजिंग का तरीका बदलने वाली टेक्नोलॉजी
अब तक इंटरनेट इस्तेमाल करने का मतलब था खुद क्लिक करो, खुद पढ़ो, खुद समझो। लेकिन एजेंटिक वेब ब्राउजिंग इस सोच को बदलने वाली है। अगर आपने Perplexity का Comet ब्राउजर इस्तेमाल किया है, तो आपको अंदाजा होगा कि ये सिस्टम कैसे काम करता है। Comet में एक इनबिल्ट Assistant होता है, जिसे बस कमांड देनी होती है और ब्राउजर अपने आप सारे स्टेप पूरे कर देता है।
OpenAI और Perplexity के बाद Google की एंट्री
Perplexity के अलावा OpenAI का एजेंटिक ब्राउजर ATLAS भी चर्चा में रहा है। हालांकि ATLAS अभी एक्सपेरिमेंटल स्टेज में है, लेकिन इसका कॉन्सेप्ट साफ है यूजर सिर्फ बताएगा क्या करना है, और ब्राउजर खुद ब्राउजिंग करेगा। अब Google भी इस रेस में उतर चुका है और Chrome में Gemini AI जोड़ दिया गया है।
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Chrome बनेगा आपका डिजिटल असिस्टेंट
Google के मुताबिक, Gemini AI अब Chrome के अंदर सीधे काम करेगा। यानी ब्राउज़र सिर्फ वेबसाइट खोलने का टूल नहीं रहेगा, बल्कि एक स्मार्ट डिजिटल असिस्टेंट बन जाएगा। टेक की भाषा में इसे Auto Browse या AI एजेंट फीचर कहा जा रहा है।
इस वेबसाइट से मेरा ट्रेन टिकट बुक कर दो
आसान शब्दों में समझें तो, अगर आप Chrome से कहेंगे “इस वेबसाइट से मेरा ट्रेन टिकट बुक कर दो”, तो AI खुद पेज को समझेगा, बटन पहचानेगा, जरूरी जानकारी भरेगा और प्रोसेस आगे बढ़ाएगा। रिसर्च करना हो, ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या कोडिंग से जुड़ा काम हर जगह ये फीचर मददगार साबित हो सकता है।
आम यूजर्स के लिए क्यों है ये गेमचेंजर?
इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जिन्हें ऑनलाइन फॉर्म, टेक्निकल वेबसाइट या जटिल प्रोसेस से डर लगता है। बुजुर्ग, पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोग और लोअर मिडिल क्लास यूजर्स के लिए ये फीचर इंटरनेट को आसान बना सकता है।
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सुरक्षा को लेकर Google का दावा
Google का कहना है कि AI सिर्फ तभी काम करेगा, जब यूजर अनुमति देगा। बिना पूछे न कोई फॉर्म भरेगा, न पेमेंट करेगा। हर अहम स्टेप पर यूजर का कंट्रोल रहेगा और डेटा ब्राउज़र के अंदर ही प्रोसेस होगा।
कब मिलेगा ये फीचर?
फिलहाल ये फीचर टेस्टिंग फेज में है और चुनिंदा यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। आने वाले महीनों में Chrome यूजर्स को इसका अनुभव मिलने लगेगा। सीधे शब्दों में कहें तो, आने वाले समय में हम वेबसाइट नहीं चलाएंगे, बल्कि AI को बताएंगे क्या करना है और Chrome खुद काम करेगा। यही वजह है कि इस अपडेट को इंटरनेट की नई शुरुआत माना जा रहा है।
