Jio-Airtel और Vi यूजर्स को लगेगा तगड़ा झटका, फिर बढ़ेगा मोबाइल रिचार्ज का दाम? जानिए क्या है कंपनियों का प्लान
अब जब हर इंसान मोबाइल पर निर्भर है, तब टैरिफ में बार-बार बढ़ोतरी आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है। आने वाले समय में मोबाइल रिचार्ज एक जरूरत नहीं, बल्कि सोच-समझकर किया जाने वाला खर्च बन सकता है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
एयरटेल, जियो और वीआई, (सौ. Design)
नवभारत डिजिटल डेस्क : “ये रिचार्ज प्लान और कितना महंगा होगा रे बाबा… अब तो मोबाइल चलाना भी लग्जरी हो गया है…” चाय की चुश्की और हाथ में मोबाइल फोन स्क्रॉल करते हुए रमेश की ये बात सुनकर आजू-बाजू के सभी लोग ठहाका तो लगाने लगे, लेकिन दिल में चुभन जरूर हुई। आज जब देश के लगभग हर हाथ में स्मार्टफोन है, तब मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम आदमी की परेशानी बढ़ा रही है।
देश में मोबाइल एक आम जरूरत बन चुका है। स्कूल के बच्चों से लेकर दफ्तर के प्रोफेशनल्स तक, सभी के लिए इंटरनेट और कॉलिंग अनिवार्य हो गया है। लेकिन अब लगता है जैसे कंपनियों ने मोबाइल सेवा को कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना लिया है।
पिछले साल जुलाई में महंगे हुए थे रिचार्ज प्लान्स
पिछले साल जुलाई में ही प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों ने अपने रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में इजाफा किया था। और अब रिपोर्ट्स का दावा है कि इस साल नवंबर-दिसंबर तक फिर से कीमतें बढ़ सकती हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले साल प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों ने अपने टैरिफ में 600 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी थी।
सम्बंधित ख़बरें
BSNL का 599 वाला प्लान मचा रहा धूम, 70 दिन तक नहीं पड़ेगी रिचार्ज की जरूरत, मिलेगा 210GB Data
भारत की बड़ी छलांग! दुनिया की सबसे बड़ी चिप कंपनी के साथ का टाटा का समझौता, बढ़ी चीन-अमेरिका की टेंशन?
Jio यूजर्स की सालभर की टेंशन खत्म, Annual Plan करा देगा पूरे साल फ्री, रोज मिलेगा 2.5GB Data और OTT का मजा
इधर Vodafone Idea के चेयरमैन बने मंगलम बिड़ला, उधर रॉकेट बना कंपनी का शेयर; घाटे में चल रही Vi को बड़ी राहत
फिर से बढ़ेगी जेब पर मार
एक आम उपभोक्ता पहले से ही 200 के आसपास का खर्च हर 28 दिन में एक बेसिक रिचार्ज पर करता है। लेकिन अगर रेट्स फिर से बढ़ते हैं, तो ये रकम 250-300 रुपये तक पहुंच सकती है। खासकर गरीब और मिडिल क्लास यूजर्स के लिए यह एक बड़ा झटका होगा, जो पहले ही सीमित खर्च में अपना मोबाइल चलाते हैं।
2027 तक बढ़ते रह सकते हैं दाम!
ब्रोकरेज फर्म Bernstein की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी किसी एक बार की बात नहीं है। ये टेलीकॉम कंपनियों की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जो 2027 तक धीरे-धीरे लागू होती रहेगी। कंपनियों का कहना है कि इससे उनकी इनकम बढ़ेगी और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
आपको बता दें, पिछले बार जब कंपनियों ने अपनी टैरिफ बढ़ाई थी, तो उस समय एआरपीयू में बढ़ोतरी करने का कारण बताय था। ARPU का मतलब बै एवरेज रेवन्यू पर यूनिट, जिसे हिंदी में प्रति इकाई औसत राजस्व के नाम से भी जाना जाता है।
5G और टेक्नोलॉजी के खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर
5G नेटवर्क के विस्तार, स्पेक्ट्रम की खरीद और नई तकनीकों को लागू करने के लिए कंपनियों को भारी निवेश करना पड़ रहा है। टेक एक्सपर्ट का मानना है कि ये खर्च अब ग्राहकों की जेब से वसूला जाएगा। यही कारण है कि टैरिफ प्लान्स में बढ़ोतरी की जा रही है।
टेक जगत की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
यूजर्स के लिए मुश्किल समय?
जहां एक ओर डिजिटल इंडिया की बात होती है, वहीं दूसरी ओर मोबाइल सेवा तक पहुंचना कम आमदनी वालों के लिए दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। अगर रिचार्ज महंगे होते गए, तो कई लोग मजबूरन इंटरनेट या कॉलिंग से दूरी बना सकते हैं।
