

Internet Services Suspended: राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें कि शहर के कई संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार 7 जून की रात 12 बजे से 8 जून की रात 12 बजे तक 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद रखी जाएगी। जिसमें यूजर्स व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस्तेमाल नहीं कर पाएगे।
जानकारी में बताया जा रहा है कि जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले यह कदम उठाया गया है। जिसको लेकर प्रशासन को आशंका है कि कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें या भ्रामक जानकारी फैलाई जा सकती है जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की शंका है। जिसको ध्यान में रखते हुए संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार ने इंटरनेट सेवाओं के अस्थायी निलंबन का आदेश जारी किया है। जिसमें लोग बल्क SMS और MMS सेवाएं भी इस्तेमाल नहीं कर पाएगे।
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह फैसला पूरी तरह एहतियाती उपाय के तौर पर लिया गया है। जिसमें प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह की भड़काऊ सामग्री, अफवाह या गलत सूचना के प्रसार को रोकना काफी ज्यादा जरूरी है। वहीं यह प्रतिबंध जयपुर के कई प्रमुख शहरी और उपनगरीय इलाकों के साथ-साथ संवेदनशील पुलिस थाना क्षेत्रों में लागू किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि आदेश को दूरसंचार सेवाओं के अस्थायी निलंबन नियम, 2017 के तहत लागू किया गया है जो विशेष परिस्थितियों में इंटरनेट और दूरसंचार सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने की अनुमति देता है।
इस फैसले से इंटरनेट बंदी रहेगा और कई परेशानियां भी होने वाली है जिसमें डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन बैंकिंग, कैब बुकिंग, फूड डिलीवरी, सोशल मीडिया संचालन और अन्य ऐप आधारित सेवाएं इस्तेमाल में नहीं रहेगी। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को पहले से आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दें दी गई है। इसको लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधों के दौरान वैकल्पिक माध्यमों से गलत सूचना फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
ऐसे में इस फैसले को देखने के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल दौर में इंटरनेट बंदी आम लोगों के लिए असुविधा जरूर पैदा कर सकती है लेकिन प्रशासन इसे संवेदनशील परिस्थितियों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने का प्रभावी उपाय बता रहा है। जिसके बाद से अब सभी की नजरें JDA की प्रस्तावित कार्रवाई और उसके दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर टिकी हुई हैं।