

Farmers Take To The Streets To Save Their Land In Gadchiroli: प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं, एमआईडीसी और हवाई अड्डे के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में किसानों ने बुधवार को जोरदार आंदोलन छेड़ दिया। किसान संघर्ष कृति समिति के नेतृत्व में हजारों किसानों ने गांधी चौक से जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और वहां पहुंचकर बैलगाड़ियों सहित अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन के चलते जिला मुख्यालय क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
किसानों की भारी भीड़ और आंदोलन की संभावित तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी गड़चिरोली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तैनात की है। सुबह से ही गड़चिरोली और चामोर्शी तहसील के किसान गांधी चौक पर एकत्रित होने लगे थे। इसके बाद जिला कलेक्ट्रेट तक निकाले गए विशाल मोर्चे में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। आंदोलन लंबे समय तक चलने की संभावना को देखते हुए कई किसान अपने परिवारों के साथ बैलगाड़ियों में खाद्यान्न, पीने का पानी तथा भोजन बनाने का सामान लेकर धरना स्थल पर पहुंचे।
भीषण गर्मी के बावजूद किसानों का उत्साह और संकल्प कायम रहा। इस आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्र ब्राह्मणवाड़े कर रहे हैं। उनके नेतृत्व वाली किसान संघर्ष कृति समिति पिछले कई महीनों से भूमि अधिग्रहण के विरोध में विभिन्न प्रकार के आंदोलन चला रही है।
विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन अपनी जमीन बचाने के लिये आखरी विकल्प बताते हुए गड़चिरोली और चामोर्शी तहसील के हजारों किसानों ने गुरूवार को जिलाधीश कार्यालय पर मोर्चा निकालकर बेमियादी ठिय्या आंदोलन छेड़ दिया है। इस आंदोलन को तेली, कुणबी और कलार समाज के विभिन्न संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा कांग्रेस समेत अनेक विपक्षी दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर किसानों की मांगों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।
अपनी उपजाऊ जमीन को बचाने के लिये दोनों तहसीलों के किसान बैलगाडी और अनाज लेकर आंदोलन में शामिल हुए है। जब तक किसानों के हित में निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा, ऐसी चेतावनी आंदोलनकर्ता किसानों ने दी है। आंदोलनकर्ता किसानों की बड़ी तादात को देखते हुए पुलिस विभाग द्वारा शहर के मुख्य चौक समेत विभिन्न जगह और आंदोलनस्थल पर तगडा बंदोबस्त रखा गया।