अंतरिक्ष में भारत की नई उड़ान, शुक्र मिशन 2028 में होगा लॉन्च
भारत का पहला शुक्र मिशन आगामी मार्च 2028 में लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन चार साल का होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए 1,236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। ,
- Written By: राहुल गोस्वामी
भारत का शुक्र मिशन 2028 में होगा लॉन्च,
नई दिल्ली : जहां बीते हफ्ते 19 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्र ग्रह पर भारत के पहले मिशन को मंजूरी दे दी थी। वहीं मिली खबर के अनुसार भारत का पहला शुक्र मिशन आगामी मार्च 2028 में लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन चार साल का होगा। वीनस यानी शुक्र ग्रह धरती से करीब 4 करोड़ किमी दूर पर है।
जानकारी दें कि, वीनस को पृथ्वी का जुड़वां ग्रह भी कहा जाता है। हालांकि यहां का दिन-रात पृथ्वी की तुलना में काफी लंबा भी होता है। दरअसल वीनस अपनी धुरी पर बहुत धीमे घूमता है। इसकी वजह से ही वीनस का एक दिन पृथ्वी के 243 दिनों के बराबर होता है।
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जानकारी दें कि शुक्र मिशन के लिए ‘वीनस ऑर्बिटर मिशन’ (VOM) भी केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित चार परियोजनाओं में से एक है और इसके लिए 1,236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। , ‘‘कल हो सकता है कि कुछ कारणों से पृथ्वी रहने लायक नहीं रहे। इसलिए यदि आप मंगल और शुक्र ग्रह पर क्या हो रहा है, इसका अध्ययन नहीं करेंगे तो संभवतः हमारी भावी पीढ़ी प्रभावित होगी। शुक्र ग्रह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत मंगल और चंद्रमा पर सफलतापूर्वक पहुंच चुका है।”
इसके पहले इसरो प्रमुख सोमनाथ ने कहा था कि, अगली पीढ़ी का प्रक्षेपण यान (NGLV) विकसित करने में सात साल लगेंगे। इस प्रक्षेपण यान को इसरो द्वारा वर्तमान में संचालित प्रणालियों को बदलने के लिए बनाया जा रहा है। चूंकि शुक्र मिशन को मार्च 2028 में प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है, इसलिए इसे मौजूदा प्रक्षेपण यानों से ही प्रक्षेपित किया जाएगा।
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इस बाबत सोमनाथ ने कहा था कि, ‘‘रूस, चीन और जापान भी 2030 तक शुक्र ग्रह पर मिशन भेजने वाले हैं। इसलिए, 2028 तक, हमने ‘लॉन्च व्हीकल मार्क-3′ या एलवीएम-3 से अपना शुक्र मिशन प्रक्षेपित करने का फैसला किया है।यद्यपि शुक्र हमारा निकटतम ग्रह है, फिर भी यह अधिक चुनौतीपूर्ण है।”
सोमनाथ ने कहा था कि, ‘‘हालांकि हम पहले मंगल ग्रह पर गए थे, जो थोड़ा दूर है, वहीं शुक्र ग्रह करीब है, लेकिन यह मंगल ग्रह से ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। क्योंकि शुक्र के वायुमंडल में पृथ्वी के मुकाबले 100 गुना ज्यादा दबाव है।” देखा जाए तो शुक्र मिशन, मंगल मिशन के बाद भारत का दूसरा अंतरग्रहीय मिशन होगा। मंगल मिशन 5 नवंबर 2013 को प्रक्षेपित किया गया था और इसने 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
