भारत सरकार ने बैन किए 119 ऐप्स, चीन और हॉन्गकॉन्ग से कनेक्शन का दावा!

ऐप्स मुख्य रूप से चीन और हॉन्गकॉन्ग से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के कुछ ऐप्स भी इस सूची में शामिल हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला।
Indian government banned 119 apps
भारत सरकार ने 119 ऐप पर बेन लगा दिया है। (सौ. Design)
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नवभारत टेक डेस्क: भारत सरकार ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 119 मोबाइल ऐप्स को बैन कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये ऐप्स मुख्य रूप से चीन और हॉन्गकॉन्ग से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के कुछ ऐप्स भी इस सूची में शामिल हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला।

चीन और हॉन्गकॉन्ग से जुड़े ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक

रिपोर्ट्स की मानें तो ये सभी वीडियो और वॉयस चैटिंग प्लेटफॉर्म्स हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। भारत सरकार पहले भी कई बार सुरक्षा कारणों से विदेशी ऐप्स को बैन कर चुकी है। 2020 में TikTok, ShareIt और कई अन्य चीनी ऐप्स पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। 20 जून 2020 को भारत सरकार ने लगभग 100 चीनी ऐप्स को बैन किया था। इसके बाद 2021 और 2022 में भी कुछ ऐप्स को ब्लॉक किया गया, लेकिन उनकी संख्या कम थी। इस बार बैन किए गए ऐप्स में ज्यादातर वॉयस और वीडियो चैटिंग प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं।

क्यों किए गए ये 119 ऐप्स बैन?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन ऐप्स को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act) के सेक्शन 69A के तहत बैन किया गया है। यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर थ्रेट्स को रोकने के लिए सरकार को इंटरनेट सामग्री को प्रतिबंधित करने की अनुमति देता है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, बैन किए गए ऐप्स में से अधिकांश अभी भी गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं, और केवल 15 ऐप्स को अब तक हटाया गया है।

इन तीन ऐप्स की पहचान हुई

अब तक 119 में से सिर्फ तीन ऐप्स की पहचान सामने आई है:

  • ChillChat – यह एक वीडियो चैटिंग और गेमिंग ऐप है, जिसे सिंगापुर की Mangostar Team ने डेवलप किया है।
  • ChangApp – यह चीनी ऐप है, जिसे Blom कंपनी ने विकसित किया है।
  • HoneyCam – यह एक ऑस्ट्रेलियाई ऐप है, जिसे Shellin PTY Ltd कंपनी संचालित करती है।

अभी तक सरकार का आधिकारिक बयान नहीं आया

इन कंपनियों ने दावा किया है कि उन्हें इस बैन की सूचना गूगल के माध्यम से मिली है। ChillChat ऐप ने कहा कि इस बैन से उनके भारतीय यूजर्स पर असर पड़ेगा। हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इस जानकारी का स्रोत Lumen डेटाबेस था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रतिबंध अस्थायी है या स्थायी रूप से लागू किया जाएगा।

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