UPI New Rule 2026 (Source. Design)
UPI Transaction Limit: भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा नाम बन चुका UPI अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकता है। जहां अब तक UPI की पहचान तुरंत पैसे ट्रांसफर रही है, वहीं अब इस स्पीड पर थोड़ी लगाम लग सकती है। दरअसल, Reserve Bank of India (RBI) ने एक नया प्रस्ताव जारी किया है, जिसका मकसद बढ़ते डिजिटल फ्रॉड पर रोक लगाना है।
यह नया नियम सिर्फ पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर पर लागू होगा। यानी अगर आप किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो उस पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। आपके रोजमर्रा के छोटे-मोटे भुगतान पहले की तरह तुरंत ही पूरे होते रहेंगे।
RBI का मानना है कि यह बदलाव डिजिटल ठगी को रोकने में काफी मददगार साबित हो सकता है। आजकल साइबर अपराधी कुछ ही मिनटों में पैसे को कई खातों में ट्रांसफर करके कैश निकाल लेते हैं, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है। ऐसे में 1 घंटे की देरी फ्रॉड को रोकने का एक मजबूत हथियार बन सकती है।
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RBI इस 1 घंटे की देरी को “गोल्डन आवर” मान रहा है। इस समय के दौरान यूजर को यह समझने का मौका मिलेगा कि ट्रांजैक्शन सही है या नहीं। अगर कोई धोखाधड़ी का शक होता है, तो वह तुरंत ट्रांजैक्शन कैंसिल कर सकता है।
इस प्रस्ताव का असर आपके डेली पेमेंट्स पर नहीं पड़ेगा। ऑटो-डेबिट, सब्सक्रिप्शन और छोटे ट्रांजैक्शन पहले की तरह ही चलते रहेंगे। खासतौर पर अनजान व्यक्ति को पैसे भेजते समय यह नियम ज्यादा सुरक्षा प्रदान करेगा।