WhatsApp Username फीचर पर सरकार की सख्ती, Meta ने भेजा जवाब, अब IT मंत्रालय करेगा बड़ी जांच
WhatsApp Username Feature: इस फीचर को लेकर केंद्र सरकार पहले ही अपनी चिंताएं जाहिर कर चुकी है और अब Meta ने सरकार के नोटिस का आधिकारिक जवाब भी भेज दिया है।
- Written By: सिमरन सिंह
WhatsApp Username Feature (Source. Navbharat Desk)
WhatsApp India Update On Username: WhatsApp के फेमस Username फीचर को लेकर सरकार और Meta के बीच चल रही चर्चा अब नए चरण में पहुंच गई है। वहीं इस फीचर को लेकर केंद्र सरकार पहले ही अपनी चिंताएं जाहिर कर चुकी है और अब Meta ने सरकार के नोटिस का आधिकारिक जवाब भी भेज दिया है। जिसमें बताया जा रहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को कंपनी का जवाब मिल चुका है और अब मंत्रालय उसकी विस्तार से जांच करेगा। हालांकि WhatsApp की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
IT मंत्रालय करेगा जवाब की जांच
वहीं सामने आए सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि गुरुवार को WhatsApp की ओर से सरकार को आवश्यक जानकारी सौंप दी गई है। वहीं अब IT मंत्रालय यह परखेगा कि कंपनी ने सुरक्षा, साइबर अपराध और यूज़र प्रोटेक्शन से जुड़े सवालों का कितना संतोषजनक जवाब दिया है। लेकिन इससे पहले IT सचिव एस. कृष्णन ने CII GCC बिजनेस समिट के दौरान कहा था कि WhatsApp का जवाब गुरुवार तक मिलने की उम्मीद है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या Telegram और Signal ने भी इसी तरह के नोटिस का जवाब दिया है तो उन्होंने कहा, “अभी थोड़ा और समय है इसलिए जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। हम इस मामले की जांच करेंगे।” इसको लेकर बताया जा रहा है कि नोटिस मिलने के बाद Meta की एक टीम ने पिछले सप्ताह IT मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी।
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WhatsApp ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
इस मामले पर कंपनी का कहना है कि “व्हाट्सऐप पर सामने वाले व्यक्ति को आपको मैसेज करने के लिए आपका सही यूजरनेम पता होना चाहिए हम यह सीमित करेंगे कि एक खाता कितने नए लोगों से संपर्क कर सकता है, साथ ही यूजरनेम की का अनुमान लगाने के बार-बार प्रयासों को रोकेंगे और सामान्य प्रतिरूपण और दुरुपयोग पैटर्न दिखाने वाली गतिविधि का पता लगाने और हटाने के लिए सिस्टम रखेंगे। यूजर्स के जवाब देने से पहले व्हाट्सएप दिखाएगा कि पहली बार भेजने वाला नया अकाउंट है, कॉन्टैक्ट है, आपसी ग्रुप का मेंबर है या किसी अन्य देश से है।” वहीं कंपनी का दावा है कि इन सुरक्षा उपायों से फर्जी अकाउंट और धोखाधड़ी की संभावनाओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
सरकार को क्यों है चिंता?
जानकारी में सामने आया है कि सरकार को इसको लेकर चिंता इसलिए है क्योंकि फोन नंबर छिपाकर बातचीत की सुविधा देने वाला यह फीचर साइबर अपराधियों के लिए नया रास्ता खोल सकता है। सरकार ने अपने नोटिस में Meta से पूछा था कि इस फीचर पर IT Act और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही कंपनी को यह भी याद दिलाया गया कि एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया इंटरमीडियरी होने के नाते उस पर ड्यू-डिलिजेंस की कानूनी जिम्मेदारी लागू होती है।
सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि Username फीचर के जरिए डिजिटल अरेस्ट स्कैम, फिशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और इम्पर्सनेशन अटैक जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से केंद्र ने Meta को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक सरकार पूरी तरह संतुष्ट न हो जाए तब तक इस फीचर को लॉन्च नहीं किया जाए।
