कोड लिखे बनाएं अपने AI एजेंट, Gemini 3 से मिलेगा सुपरफास्ट ऑटोमेशन
Gemini 3 AI: Google ने अपने नए और शक्तिशाली टूल Google Workspace Studio की जनरल उपलब्धता की घोषणा कर दी है। फीचर की मदद से यूजर्स बिना एक भी लाइन कोड लिखे Google Workspace के भीतर काम कर सकेंगे।
- Written By: सिमरन सिंह
Google Workspace Studio में क्या क्या हो सकता है। (सौ. Google)
Google Workspace Update: Google ने अपने नए और शक्तिशाली टूल Google Workspace Studio की जनरल उपलब्धता की घोषणा कर दी है। यह एक ऐसा फीचर है जिसकी मदद से यूजर्स बिना एक भी लाइन कोड लिखे Google Workspace के भीतर अपने AI एजेंट डिज़ाइन, मैनेज और शेयर कर सकेंगे। कंपनी के अनुसार यह फीचर Gemini 3 पर आधारित है और इसका उद्देश्य ऑटोमेशन को आसान, लचीला और सभी कर्मचारियों के लिए सुलभ बनाना है।
Google Workspace Studio कैसे काम करता है?
Google ने गुरुवार को जारी अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि इसका लक्ष्य लोगों को उन रोज़मर्रा के कामों से छुटकारा दिलाना है, जिन पर सबसे ज्यादा समय खर्च होता है जैसे ईमेल सॉर्ट करना, मीटिंग्स अरेंज करना और एक्शन आइटम्स पर फॉलो-अप लेना। कंपनी का कहना है कि पारंपरिक ऑटोमेशन टूल्स अक्सर तकनीकी कौशल मांगते थे और सामान्य यूजर्स के लिए काफी जटिल होते थे।
लेकिन Workspace Studio इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देता है। यूजर्स सिर्फ नेचुरल लैंग्वेज में अपनी जरूरत बताकर कुछ ही मिनटों में कस्टम एजेंट बना सकते हैं। चाहे पूरा वर्कफ़्लो डिजाइन करना हो या तैयार टेम्पलेट चुनना AI तुरंत ऑटोमेटेड प्रोसेस तैयार कर देता है।
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AI एजेंट्स की नई क्षमताएँ
Google के अनुसार, Workspace Studio के ये AI एजेंट पुराने रूल-बेस्ड सिस्टम की तुलना में काफी उन्नत हैं। Gemini की रीजनिंग और मल्टीमॉडल क्षमताओं की वजह से ये एजेंट:
- सेंटिमेंट एनालिसिस
- कंटेंट जेनरेशन
- टास्क प्रायरिटाइजेशन
- स्मार्ट अलर्ट्स
- और नई जानकारी के आधार पर अपने-आप एडाप्ट
जैसे कार्य आसानी से कर सकते हैं।
कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया कि ग्लोबल क्लीनिंग ब्रांड Kärcher ने अपने पार्टनर Zoi के साथ इस टूल को पहले ही टेस्ट किया। उन्होंने एक वर्चुअल टीम बनाई जिसमें एक एजेंट आइडिया की समीक्षा करता है, दूसरा तकनीकी फिज़िबिलिटी जांचता है, तीसरा यूज़र फ्लो तैयार करता है, और आखिरी एजेंट पूरा यूज़र स्टोरी ड्राफ्ट कर देता है। इससे ड्राफ्टिंग में लगने वाला समय 90% तक कम हो गया।
कौन कर सकता है इसका उपयोग?
Google का कहना है कि Gemini Alpha प्रोग्राम में शामिल कंपनियों ने पिछले महीने ही इन एजेंट्स का इस्तेमाल करके 2 करोड़ से ज्यादा टास्क पूरे किए हैं। इनमें ईमेल लेबलिंग, कानूनी नोटिस रिव्यू, ट्रैवल अप्रूवल मैनेजमेंट जैसे संवेदनशील कार्य भी शामिल हैं।
कंपनी ने कहा कि, “जो कर्मचारी समस्या को सबसे बेहतर समझता है, वह अब समाधान खुद तैयार कर सकता है।” यूजर्स आसानी से ऐसे एजेंट सेट कर सकते हैं जो ईमेल से सवाल पहचानें, उन्हें लेबल करें और Google Chat में नोटिफिकेशन भेजें। एजेंट मैसेज और अटैचमेंट्स से तारीखें, एक्शन पॉइंट्स और इनवॉइस डिटेल्स भी निकाल सकते हैं।
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Google Workspace ऐप्स और थर्ड-पार्टी टूल्स से इंटीग्रेशन
Workspace Studio के एजेंट Gmail, Drive, Chat और अन्य Workspace ऐप्स में बिना किसी बाधा के काम कर सकते हैं। ये एजेंट यूजर के कॉन्टेक्स्ट को समझते हैं और कंपनी की नीतियों का पालन करते हैं। यूजर सीधे ऐप के साइड पैनल में एजेंट की गतिविधि देख सकते हैं। इसके अलावा, ये एजेंट Jira, Salesforce, Asana, Mailchimp जैसी थर्ड-पार्टी सेवाओं से भी कनेक्ट हो सकते हैं। एडवांस्ड टीम्स Apps Script के जरिए कस्टम स्टेप्स भी जोड़ सकती हैं और अपने आंतरिक सिस्टम या Vertex AI पर बने मॉडल्स को लिंक कर सकती हैं।
जल्द शुरू हो रहा है रोलआउट
Google ने बताया कि Workspace Studio आने वाले हफ्तों में बिज़नेस कस्टमर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा। एक बार फीचर एक्टिव होने के बाद यूजर्स टेम्पलेट्स एक्सप्लोर करके या सिर्फ निर्देश टाइप करके तुरंत AI एजेंट बनाना शुरू कर सकेंगे।
