Google का नया AI हथियार, हैकर्स की चाल पहले ही पकड़ लेगा AI Threat Defense, साइबर अटैक से होगी सुरक्षा
AI Cyber Security: Google ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि कंपनी ने एक नया AI Powered Cyber Security Solution लॉन्च किया है जिसका नाम Google AI Threat Defense है। जो सही सुरक्षा देगा।
- Written By: सिमरन सिंह
Google AI Threat Defense (Source. Google)
Google Cloud Security: पूरी दुनिया में AI आधारित साइबर हमल बढ़ता जा रहा है ऐसे में इस बीच अब Google ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि कंपनी ने एक नया AI Powered Cyber Security Solution लॉन्च किया है जिसका नाम Google AI Threat Defense है। वहीं इन नए टूल को लेकर Google का दावा है कि यह सिस्टम साइबर खतरों को पहले ही पहचानकर उन्हें बिजनेस और नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने से रोकता है। देखा जा रहा था कि पिछले कुछ महीनों से AI टूल्स की मदद से सॉफ्टवेयर हैकिंग और डेटा चोरी के मामले तेजी से बढ़े हैं। जिसको लेकर टेक कंपनियां अब AI को ही AI के खिलाफ इस्तेमाल करने की तैयारी में जुट गई हैं। बता दें कि इससे पहले Anthropic ने Claude Mythos और OpenAI ने Daybreak प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था लेकिन अब Google की एंट्री ने साइबर सिक्योरिटी की रेस को और तेज कर दिया है।
क्या है Google AI Threat Defense?
Google Cloud के COO और Security Products के President फ्रांसिस डिसूजा ने अपने पोस्ट किए गए ब्लॉग में बताया कि यह प्लेटफॉर्म attack path का अनुमान लगाने में मदद करता है। जिसका सीधा मतलब है कि कोई हैकर किस रास्ते से सिस्टम में घुस सकता है यह AI पहले ही पहचान लेगा। इसके अलावा यह सिस्टम सबसे बड़े खतरों को प्राथमिकता देकर उनके समाधान तेजी से लागू करने में मदद करता है ताकि हैकर्स किसी कमजोरी का फायदा न उठा सकें।
हजारों फर्जी अलर्ट से मिलेगी राहत
Google ने बताया है कि अभी के मौजूदा AI Cyber Security सिस्टम की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे सिक्योरिटी टीमों पर हजारों AI-generated alerts का बोझ डाल देते हैं। इनमें से हर अलर्ट असली खतरा नहीं होता लेकिन उन्हें जांचने में काफी समय और संसाधन खर्च होते हैं। लेकिन Google AI Threat Defense का काम इससे अलग है। इसमें कोड स्कैनिंग को Cloud Security Platform Wiz के साथ जोड़कर चेक करता है कि कोई कमजोरी वास्तव में इंटरनेट से एक्सेस की जा सकती है या नहीं।
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ऐसे में कोई बड़ी कमी सिस्टम में मौजूद है लेकिन वह पूरी तरह isolated है तो AI उसकी priority कम कर देता है। जिससे सिक्योरिटी टीमें सिर्फ उन्हीं खतरों पर ध्यान दे पाती हैं जिनका हैकर्स वास्तव में फायदा उठा सकते हैं।
AI बन रहा है साइबर सिक्योरिटी का नया हथियार
इस नई तकनीक को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित साइबर अटैक और भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। जिसको देखते हुए Google का यह नया सिस्टम कंपनियों के लिए गेमचेंजर साबित होगा। जो सिर्फ खतरे पहचानने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि रियल टाइम में सुरक्षा रणनीति तैयार करके नेटवर्क को सुरक्षित भी रखेगा।
