Gen Z क्यों हो रहा Cyberdeck का दीवाना, जाने किस काम आता है ये गैजेट

Cyberdeck Computer: Gen Z के बीच तेजी से वायरल हो रहे गैजेट की खास बता यह है कि इसको रेडीमेड कंप्यूटर नहीं बल्कि यूजर की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है जो एक कस्टम पोर्टेबल कंप्यूटर है।
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Cyberdeck (Source. Social media/Raddit)
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Gen Z Tech Trend: आपने कई फिल्मों में ऐसा सीन तो देखा है होगे जहां एक हैकर अपनी जेब से एक छोटा सा डिवाइस निकालता है उसे किसी कंप्यूटर से जोड़ता है और कुछ ही सेकंड में सिस्टम का कंट्रोल हासिल कर लेता है? वहीं इस तरह का गैजेट जिसे कभी साइंस-फिक्शन की दुनिया का हिस्सा माना जाता था अब हकीकत में आ चुका है। इसका नाम है Cyberdeck है जो इन दिनों टेक्नोलॉजी प्रेमियों और Gen Z के बीच तेजी से वायरल हो रहा है। इस गैजेट की खास बता यह है कि इसको रेडीमेड कंप्यूटर नहीं बल्कि यूजर की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है जो एक कस्टम पोर्टेबल कंप्यूटर है।

आखिर क्या है Cyberdeck और क्यों है इतना खास?

Cyberdeck के बारे में बताए तो यह एक कस्टम-बिल्ट कंप्यूटर है जिसे अलग-अलग हार्डवेयर कंपोनेंट्स को जोड़कर तैयार किया जाता है। इस गैजेट में यूजर्स को स्क्रीन, कीबोर्ड, बैटरी, USB पोर्ट, प्रोसेसर और अन्य जरूरी पार्ट्स दिए जाते है। लेकिन इसी भी सामान्य लैपटॉप की तुलना में इसका आकार काफी छोटा और हल्का होता है। वहीं देखा गया है अधिकांश साइबरडेक, Raspberry Pi जैसे सिंगल-बोर्ड कंप्यूटर पर आधारित होते हैं जो इतने छोटे होते हैं कि आसानी से जेब में रखे जा सकते हैं और एक यह वजह भी है कि टेक एक्सपेरिमेंट करने वाले लोगों के बीच यह काफी वायरल हो रहा है।

साइंस-फिक्शन किताब से शुरू हुई थी इसकी कहानी

साइबरडेक के बारे में बताए तो इसका विचार नया नहीं है। इस शब्द को पहली बार 1984 में प्रकाशित विलियम गिब्सन के मशहूर साइंस-फिक्शन उपन्यास Neuromancer में सामने आया था। इस कहानी में मुख्य किरदार एक विशेष कंप्यूटर की मदद से वर्चुअल दुनिया में प्रवेश करता है। इस कहानी के सामने आने के बाद से ही कई फिल्मों, वीडियो गेम्स और साइबरपंक संस्कृति में ऐसे पोर्टेबल कंप्यूटर बार-बार दिखाए जाने लागा।

Cyberdeck
Cyberdeck

केवल दिखावा नहीं कई कामों में आता है उपयोग

Cyberdeck के काम को देखा जाए तो स्टाइलिश गैजेट होने के साथ इसका इस्तेमाल प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, नेटवर्क टेस्टिंग, Wi-Fi स्कैनिंग और साइबर सिक्योरिटी रिसर्च जैसे कामों में किया जा सकता है। इसके अलावा कई लोग इसे नोट्स लिखने, रिसर्च करने और रोजमर्रा के कंप्यूटिंग कार्यों के लिए भी इस्तेमाल करते हैं।

Gen Z क्यों हो रही है इसकी दीवानी?

देखा जा रहा है कि Gen Z के लिए साइबरडेक केवल एक कंप्यूटर नहीं बल्कि अपने हुनर को दिखाने का मौका भी है। युवा कम लागत में कबाड़ या पुराने इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स से अपना यूनिक कंप्यूटर तैयार कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर साइबरडेक बनाने वाले वीडियो लाखों व्यूज बटोर रहे हैं। कई कंटेंट क्रिएटर्स इसे बनाकर बेच भी रहे हैं। साथ ही Reddit और ऑनलाइन टेक कम्युनिटीज में साइबरडेक को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। एक जैसे दिखने वाले लैपटॉप्स से ऊब चुके यूजर्स अब अपने हाथों से तैयार किए गए अनोखे कंप्यूटरों को इस्तेमाल कर रहे है।

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