पेन ड्राइव के बारें में राज की बात

05 Feb 2026

By: Simran Singh

NavBharat Live Desk

छोटी सी पेन ड्राइव में हजारों फाइलें सेव हो जाती हैं। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है इसमें बने दो छोटे-छोटे छेदों पर? ज्यादातर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

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Intro Curiosity

अगर आपको लगता है कि ये छेद सिर्फ स्टाइल के लिए हैं, तो आप गलत हैं। इनका सीधा कनेक्शन पेन ड्राइव की सेफ्टी और परफॉर्मेंस से है।

Design का सच

जब पेन ड्राइव USB पोर्ट में लगती है, तो पोर्ट के अंदर मौजूद मेटल उभार इन दो चौकोर छेदों में फिट होते हैं, जिससे कनेक्शन सही बनता है।

Port में फिट होने का लॉजिक

अक्सर लोग पेन ड्राइव उल्टी लगाने की कोशिश करते हैं। इन छेदों से आप पहचान सकते हैं जिस तरफ से छेद आर-पार दिखते हैं, वही सही साइड होती है।

सही दिशा की पहचान

अगर पेन ड्राइव ढीली रही तो डेटा ट्रांसफर रुक सकता है। ये छेद पेन ड्राइव को पोर्ट में मजबूती से टिकाए रखते हैं, जिससे फाइल ट्रांसफर स्मूद रहता है।

डेटा ट्रांसफर क्यों जरूरी हैं ये छेद?

सही फिटिंग न हो तो फाइल करप्ट होने का खतरा रहता है। ये छोटे छेद पेन ड्राइव को सेफ और स्टेबल कनेक्शन देते हैं।

सेफ्टी का कनेक्शन

USB का डिजाइन किसी एक कंपनी का नहीं। इसे तय करती है USB-IF नाम की ग्लोबल संस्था, जिसे पूरी दुनिया फॉलो करती है।

ग्लोबल स्टैंडर्ड का हिस्सा

ये छेद अंदर के प्लास्टिक ढांचे को बाहरी मेटल बॉडी से मजबूती से जोड़ते हैं। इससे पेन ड्राइव जल्दी खराब नहीं होती।

मजबूती बढ़ाने का काम

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