फर्जी सिम कार्ड पर लगेगी लगाम, सरकार ने बनाए सख्त नियम
दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को डिजिटल इंटीग्रेटेड वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया है, जिससे फर्जी दस्तावेजों के जरिए मोबाइल कनेक्शन लेने पर रोक लगाई जा सके।
- Written By: सिमरन सिंह
Sim Card को बनाने के लिए करने होते है कई काम। (सौ. Freepik)
नवभारत टेक डेस्क: देश में साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने सिम कार्ड जारी करने के नियमों को और कड़ा कर दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को डिजिटल इंटीग्रेटेड वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया है, जिससे फर्जी दस्तावेजों के जरिए मोबाइल कनेक्शन लेने पर रोक लगाई जा सके।
अब नई सिम खरीदना पहले से ज्यादा कठिन हो गया है क्योंकि ग्राहकों को सिम जारी करने से पहले कई स्तरों पर जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। आइए जानते हैं कि इन नए नियमों के तहत क्या बदलाव हुए हैं और यह कैसे आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य
पहले नया सिम कार्ड लेने के लिए वोटर आईडी, आधार कार्ड या पासपोर्ट जैसे एड्रेस प्रूफ ही काफी होते थे, लेकिन अब बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बिना सिम जारी नहीं किया जाएगा।
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नए नियमों के तहत:
- ग्राहक को आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा।
- टेलीकॉम कंपनियों को यह भी जांच करनी होगी कि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से कितने सिम कार्ड जारी किए गए हैं।
- अगर कोई ग्राहक अलग-अलग नाम से सिम ले रहा है, तो उसकी पूरी जांच-पड़ताल अनिवार्य होगी।
- ग्राहक की दस अलग-अलग एंगल से तस्वीरें ली जाएंगी ताकि फर्जी आईडी के उपयोग पर रोक लगाई जा सके।
फर्जी सिम कार्ड पर क्यों कसी जा रही है नकेल?
साइबर अपराधी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर बैंकिंग फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। यही वजह है कि
सरकार ने इस पर सख्ती बरतते हुए टेलीकॉम कंपनियों को नए और कड़े नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।
- अब फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम लेना आसान नहीं होगा।
- अवैध रूप से जारी किए गए मोबाइल नंबरों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
- साइबर अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी, जिससे आम जनता की सुरक्षा बढ़ेगी।
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सख्त नियम से बढ़ेगी सुरक्षा
हो सकता है कि ये नए नियम लोगों को थोड़े कठिन लगें, लेकिन यह उनकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम है। सरकार की यह सख्ती साइबर फ्रॉड को रोकने और आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए उठाई गई है।
- सरकार अब तक 2.50 करोड़ से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड बंद कर चुकी है।
- नए नियमों के लागू होने से फर्जीवाड़े के मामलों में भारी कमी आने की उम्मीद है।
- साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाकर डिजिटल इंडिया को और सुरक्षित बनाया जाएगा।
नए सिम कार्ड नियमों पर आपकी क्या राय?
क्या आपको लगता है कि यह नियम साइबर अपराधों पर लगाम कसने में मदद करेंगे? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।
