AI की मदद से इंटरव्यू पास करना आसान? नौकरी तलाशने वालों की बढ़ती दिलचस्पी

ChatGPT in Job Preparation: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब टेक्नोलॉजी का हिस्सा नहीं, बल्कि नौकरी और करियर की तैयारी में भी बड़ा साथी बन चुका है। जिसका इस्तेमाल करके लोग अपने इटंरव्यू की तैयारी कर रहे है।
AI की मदद से इंटरव्यू पास करना आसान? नौकरी तलाशने वालों की बढ़ती दिलचस्पी
AI से लोग ले रहें Interview में मदद। (सौ. AI)
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ChatGPT Interview Practice: डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का हिस्सा नहीं, बल्कि नौकरी और करियर की तैयारी में भी बड़ा साथी बन चुका है। एक शख्स ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया की उसने हाल ही में अपने इंटरव्यू की तैयारी में ChatGPT का सहारा लिया और इसका अनुभव बेहद कारगर साबित हुआ।

दो घंटे की प्रैक्टिस और बनी रणनीति

शख्स ने बताया कि उन्होंने लगभग दो घंटे ChatGPT के साथ इंटरव्यू प्रैक्टिस की। शुरुआत में उन्होंने अपना रिज़्यूमे और जॉब डिस्क्रिप्शन चैटबॉट में डालकर कहा, "इसे अपनी मेमोरी में रखो क्योंकि आगे हम इसी पर बात करेंगे।" इसके बाद उन्होंने उन पॉइंट्स पर सवाल पूछे जिन्हें समझना उनके लिए मुश्किल था। ChatGPT ने न सिर्फ उन्हें बेहतर जानकारी दी बल्कि उन बिंदुओं का अनुमान लगाने में भी मदद की।

सफलता की कहानियों का खाका तैयार

शख्स का कहना है, "मैंने ChatGPT से कहा कि यह बताए कि इस रोल में कौन-सी चार-पांच खूबियां सबसे ज़रूरी हैं। फिर मैंने इसे निर्देश दिया कि मुझसे दस सवाल पूछो ताकि मैं समझ सकूं कि इन क्षेत्रों में मेरी विशेषज्ञता कहां है। सवालों के बाद इसने मेरी स्ट्रेंथ, सुधार और एक समरी भी बना दी।" इसके बाद ChatGPT ने उनके हर जवाब को तीन-तीन बुलेट पॉइंट्स में बदल दिया। इस तरह अब शख्स के पास इंटरव्यू में सुनाने के लिए तैयार 'स्टोरीज़ की लिस्ट' मौजूद है। वे कहते हैं, "अब चाहे इंटरव्यू में कोई भी सवाल पूछा जाए, मैं बातचीत को अपनी किसी सफलता की कहानी की तरफ मोड़ सकता हूं।"

अनुभव पर अन्य उम्मीदवारों की राय

शख्स ने सोशल मीडिया पर अपना यह अनुभव साझा किया तो कई लोगों ने सहमति जताई। एक यूज़र ने लिखा, "मैंने भी बिल्कुल यही तरीका अपनाया और हाल ही में हुए अपने इंटरव्यूज़ में बहुत आत्मविश्वास महसूस किया। लोग सोचते हैं कि ChatGPT चीटिंग है, लेकिन असल में यह हमें हमारी कहानियों को सही तरीके से पेश करने में मदद करता है।"

हालांकि, कुछ लोग इस पर शंका भी जाहिर कर रहे हैं। एक प्रत्याशी ने जवाब देते हुए लिखा, "मेरा डर यह है कि अगर सभी लोग ChatGPT का इस्तेमाल करेंगे तो क्या सभी के जवाब एक जैसे नहीं लगेंगे? रिज़्यूमे और कवर लेटर में भी अक्सर AI-जैसी भाषा झलकती है। इससे भर्ती करने वालों को शक हो सकता है कि यह सब मशीन से लिखा गया है। मुझे लगता है कि इससे आलोचनात्मक सोच कमज़ोर हो जाती है और टेक्नोलॉजी पर ज़्यादा निर्भरता बढ़ती है।"

ध्यान दें

भले ही AI पर संदेह और बहस जारी हो, लेकिन कई युवाओं के लिए यह इंटरव्यू तैयारी का नया और प्रभावी साधन साबित हो रहा है। सवाल अब यही है कि आने वाले दिनों में क्या सभी उम्मीदवार अपनी 'सक्सेस स्टोरीज़' गढ़ने के लिए इसी तकनीक पर निर्भर हो जाएंगे।

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