Google Play Store New Rule (Source. Design)
Google Play Store New Rule: एंड्रॉइड स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए गूगल एक बड़ा और अहम बदलाव लाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google Play Store में एक नया वेरिफिकेशन लेयर जोड़ा जा रहा है, जिसका सीधा असर थर्ड-पार्टी सोर्स से ऐप डाउनलोड करने यानी साइडलोडिंग पर पड़ेगा। कंपनी का मकसद साफ है यूजर्स सिर्फ Play Store या Google द्वारा वेरिफाइड प्लेटफॉर्म से ही ऐप इंस्टॉल करें, ताकि मोबाइल और निजी डेटा सुरक्षित रहे।
Android Authority की रिपोर्ट के अनुसार, Play Store के लेटेस्ट वर्जन 49.7.20-29 के कोड में इस बदलाव के संकेत मिले हैं। कोड स्ट्रिंग्स से पता चलता है कि गूगल साइडलोडिंग के दौरान डाउनलोड प्रोसेस को बीच में रोक सकता है। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह समझाना है कि अनवेरिफाइड सोर्स से ऐप इंस्टॉल करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। अब केवल चेतावनी देना ही नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त सुरक्षा स्टेप जोड़ने की तैयारी है।
नई व्यवस्था के तहत, किसी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले Play Store उस ऐप के डेवलपर को वेरिफाई करने की कोशिश करेगा। इसके लिए एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन जरूरी होगा। अगर इंटरनेट उपलब्ध नहीं होगा, तो यूजर को साफ मैसेज मिलेगा कि डेवलपर को वेरिफाई नहीं किया जा सकता और ऐप फिलहाल सुरक्षित नहीं है। यह फीचर खासतौर पर फर्जी और खतरनाक ऐप्स से आम यूजर्स को बचाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।
गूगल साइडलोडिंग को पूरी तरह खत्म नहीं कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स को “Install without verifying” का विकल्प मिलेगा। हालांकि, इसके साथ एक सख्त वॉर्निंग मैसेज भी दिखेगा, जिसमें बताया जाएगा कि अनवेरिफाइड डेवलपर की ऐप डिवाइस और डेटा के लिए खतरा बन सकती है। गूगल के अधिकारी मैथ्यू फोर्साइथ ने साफ कहा है कि यह कोई अकाउंटेबिलिटी लेयर नहीं, बल्कि एक “high-friction process” है, ताकि यूजर जोखिम को समझकर फैसला ले सके।
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यह पहली बार नहीं है जब गूगल साइडलोडिंग पर सख्ती कर रहा है। Play Store में पहले से Play Protect फीचर मौजूद है, जो अनट्रस्टेड ऐप्स को पहचानकर रोकता है। हालांकि, यूजर चाहें तो सेटिंग्स में जाकर इसे अस्थायी रूप से बंद कर सकते हैं। नया वेरिफिकेशन लेयर इसी सुरक्षा को और मजबूत करेगा, जिससे आम यूजर्स सुरक्षित रहें और टेक-सेवी यूजर्स को सीमित आज़ादी भी मिलती रहे।