प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडया)
नई दिल्ली: अगर आपके पास में मोबाइल फोन है तो कभी न कभी आपने 1909 पर कॉल करके अपने नंबर को डू नॉट डिस्टर्ब कैटेगरी में रजिस्टर्ड ज़रूर किया होगा। जिससे आपको कंपनी के अवांछित कॉल और मैसेजेस से निजात मिल सके। लेकिन पिछले कुछ सालों में आपने ध्यान दिया होगा कि डीएनडी सर्विसेस असरहीन हो चुकी हैं। वहीं, अन्वांटेड कॉल्स को लेकर एक सर्वे में बड़ा खुलासा भी हुआ है।
सर्वे के मुताबिक ज्यादातर मोबाइल ग्राहकों का कहना है कि उन्हें हर दिन परेशान करने वाली कॉल आती हैं, जिनमें से ज्यादातर वित्तीय सेवाओं और रियल एस्टेट से संबंधित होती हैं। ऑनलाइन सर्वेक्षण फर्म लोकल सर्किल्स ने रविवार को यह जानकारी दी। कंपनी के सर्वेक्षण के अनुसार 95 प्रतिशत मोबाइल ग्राहकों ने हर दिन परेशान करने वाली कॉल आने की पुष्टि की है।
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इन ग्राहकों में से 77 प्रतिशत को रोजाना तीन या इससे अधिक ऐसी कॉल आती हैं। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज्यादातर लोगों ने यह भी कहा कि उन्होंने ट्राई की ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ (डीएनडी) सूची में पंजीकरण कराया है, इसके बावजूद पिछले 12 महीनों में उन्हें ऐसी कॉल आई हैं। इसमें सेवाएं देने वाली ऑपरेटिंग टेलीकॉम कंपनियां भी शामिल हैं।
सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार कि डीएनडी सूची में पंजीकृत 96 प्रतिशत मोबाइल उपभोक्ताओं ने कहा कि पिछले 12 महीनों में उनके नंबर पर परेशान करने वाली कॉल आई हैं। डू नॉट डिस्टर्ब सेवाओं का असर भी कम हो गया है, क्योंकि 96 प्रतिशत ने डीएनडी में पंजीकृत होने के बावजूद इस तरह के कॉल आने की पुष्टि की है। छह महीने पहले लोकलसर्किल्स के सर्वेक्षण में 90 प्रतिशत ने ऐसा कहा था।
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सर्वेक्षण के अनुसार, 66 प्रतिशत मोबाइल उपभोक्ताओं ने कहा कि अधिकांश परेशान करने वाले फोन कॉल अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आती हैं, जो व्यक्तियों के होते हैं। दूसरी ओर 18 प्रतिशत ने कहा कि ये कॉल कंपनियों और ब्रांडों से संबंधित मोबाइल नंबरों से आते हैं। सर्वेक्षण में भारत के 371 जिलों से 71,000 प्रतिक्रियाएं मिलीं।