सस्ता फोन पड़ा भारी! पाकिस्तान में 10 करोड़ मोबाइल एक झटके में बंद, जानें वजह
Pakistan Mobile Ban: पाकिस्तान में मोबाइल यूजर्स के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी ने एक साथ करीब 10 करोड़ मोबाइल फोन ब्लॉक कर दिए। यह कार्रवाई उन डिवाइस पर की गई।
- Written By: सिमरन सिंह
Phone in Pakistan (Source. Design)
Fake Mobile Phones: पड़ोसी देश पाकिस्तान में मोबाइल यूजर्स के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) ने एक साथ करीब 10 करोड़ मोबाइल फोन ब्लॉक कर दिए। यह कार्रवाई उन डिवाइस पर की गई, जो फर्जी, चोरी किए गए या डुप्लीकेट/क्लोन IMEI नंबर के साथ इस्तेमाल हो रहे थे। PTA का कहना है कि ऐसे फोन न सिर्फ नेटवर्क के लिए समस्या बनते हैं, बल्कि यूजर्स की सुरक्षा और प्राइवेसी पर भी सीधा खतरा पैदा करते हैं।
इस फैसले के बाद पाकिस्तान के मोबाइल बाजार में अफरा-तफरी मच गई है। आम ग्राहक से लेकर मोबाइल दुकानदार तक, हर कोई इस कार्रवाई की चर्चा कर रहा है। टेक एक्सपर्ट्स इसे अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसा नियम भारत में भी लागू होना चाहिए।
PTA ने क्यों उठाया इतना सख्त फैसला?
PTA और पाकिस्तान सरकार के अनुसार, लंबे समय से देश में अवैध, तस्करी से आए और चोरी के मोबाइल फोन धड़ल्ले से बिक रहे थे। कई डिवाइस के IMEI नंबर बदले गए थे, जो कानूनन अपराध है। ऐसे फोन राष्ट्रीय सुरक्षा, यूजर डेटा और टेलीकॉम नेटवर्क के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे थे। इसी वजह से सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इन सभी डिवाइस को सीधे नेटवर्क से बाहर कर दिया। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से लोकल स्मार्टफोन कंपनियों को फायदा मिलेगा।
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आंकड़ों में कार्रवाई: 10 करोड़ फोन हुए बंद
PTA की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 7.2 करोड़ फर्जी या डुप्लीकेट मोबाइल, 2.7 करोड़ क्लोन IMEI वाले डिवाइस, 8.68 लाख चोरी या खोए हुए हैंडसेट इन सभी फोन को नेटवर्क से काट दिया गया है। यानी अब इनसे कॉल, मैसेज और इंटरनेट कुछ भी काम नहीं करेगा।
DIRBS सिस्टम से पकड़े गए फर्जी मोबाइल
पाकिस्तान में इस कार्रवाई के लिए DIRBS (Device Identification, Registration and Blocking System) का इस्तेमाल किया गया। यह सिस्टम MDM Regulation, 2021 के तहत लागू किया गया था। इसके जरिए हर मोबाइल के IMEI नंबर की जांच की गई। जो IMEI रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए या संदिग्ध पाए गए, उन्हें तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। सरकार का दावा है कि इससे फर्जी फोन पहचानना और ब्लॉक करना बेहद आसान हो गया है।
आम यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?
इस कदम के बाद कई लोगों के फोन अचानक बंद हो गए। ऐसे यूजर्स को अब यह साबित करना होगा कि उनका फोन कानूनी और वैध है। सरकार ने साफ कहा है कि सही तरीके से खरीदे गए फोन वालों को डरने की जरूरत नहीं, लेकिन बहुत सस्ते और संदिग्ध फोन खरीदने वालों के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है।
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लोकल मोबाइल इंडस्ट्री को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि अवैध फोन बाजार से हटने के बाद देश में बने मोबाइल की मांग बढ़ेगी। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाले 95% से ज्यादा मोबाइल लोकल बने थे, जिनमें 68% स्मार्टफोन शामिल थे। सैमसंग, शाओमी, ओप्पो और वीवो समेत 36 कंपनियों को वहां फोन बनाने की अनुमति है।
भारत के लिए क्या है संदेश?
पाकिस्तान की इस सख्ती के बाद भारत में भी चर्चा तेज हो गई है। यहां भी समय-समय पर क्लोन IMEI और नकली फोन पकड़े जाते रहे हैं। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारत भी इसी तरह कड़ा कदम उठाता है, तो फोन फ्रॉड, डेटा चोरी और साइबर क्राइम पर बड़ी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
