Narendra Modi (Source. Design)
AI Jobs India: 16 फरवरी 2026 को शुरू हुआ India AI Impact Summit 2026 सिर्फ एक टेक इवेंट नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के भविष्य का रोडमैप है। इस मंच पर साफ कर दिया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य का सपना नहीं, बल्कि आज की हकीकत है जो नौकरी, कारोबार और कमाई के तरीके बदल रही है। भारत की 65% से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। यही युवा शक्ति अब AI क्रांति का इंजन बन रही है।
समिट ने यह स्पष्ट किया कि अब पढ़ाई केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उद्योग की जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट पर जोर होगा। एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में 2030 तक लगभग 20 लाख नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। स्टार्टअप पिच, इनोवेशन चैलेंज और लाइव डेमो के जरिए युवा सीधे बाजार की जरूरतों से जुड़ रहे हैं। इससे रोजगार सृजन को नई गति मिल रही है।
जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच दक्षिण एशिया में AI से जुड़ी नौकरियों की हिस्सेदारी 2.9% से बढ़कर 6.5% हो गई। AI स्किल की मांग गैर-AI भूमिकाओं की तुलना में 75% तेज़ी से बढ़ रही है। यह बदलाव साफ संकेत देता है कि डिजिटल स्किल, तकनीकी दक्षता और मल्टी-डिसिप्लिनरी ज्ञान अब नौकरी की नई शर्तें हैं।
सरकार ने बजट 2026-27 में AI स्किलिंग को प्राथमिकता दी। मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) को 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AI लैब स्थापित करने का समर्थन दिया गया। इससे करीब 20 लाख नई नौकरियों का मार्ग खुलेगा। इसके साथ “Education to Employment and Enterprise Standing Committee” का प्रस्ताव रखा गया, ताकि शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल मजबूत हो।
IndiaAI मिशन के तहत सरकार ने ₹10,300 करोड़ से अधिक का निवेश कर 58,000 से ज्यादा GPUs की क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। स्टार्टअप और छात्रों को ₹65 प्रति घंटे की सब्सिडी दर पर कंप्यूट एक्सेस मिलेगा। इससे छोटे शहरों के युवाओं को भी समान अवसर मिलेंगे।
NEP 2020, YUVAi, FutureSkills Prime और Skill India Mission जैसे कार्यक्रमों के जरिए बुनियादी से उन्नत स्तर तक AI प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समिट में YUVAi Global Youth Challenge और AI by HER Global Impact Challenge के जरिए युवाओं और महिला उद्यमियों को वैश्विक मंच मिला।
ये भी पढ़े: India AI Impact Summit 2026 में भारत ने पेश किया MANAV विज़न, AI से होगा गांव से ग्लोबल तक विकास
AI की जिम्मेदार उपयोगिता को बढ़ावा देने के लिए 24 घंटे में 2.5 लाख से ज्यादा AI Responsibility Pledges लेकर भारत ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यह दिखाता है कि भारत AI को सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता के रूप में देख रहा है।
भारत का युवा अब AI का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बन रहा है। स्किलिंग, स्टार्टअप और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर देश वैश्विक AI नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।